कटिहार मंडल के दो नवनिर्मित दोहरी रेलखंडों को मिली परिचालन मंजूरी, 110 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
गुवाहाटी, 23 जून (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के कटिहार मंडल के अंतर्गत कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनैली के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज दोहरीकरण रेलखंडों को परिचालन की मंजूरी मिल गई है। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), पूर्वोत्तर सीमांत परिमंडल, कोलकाता सुमित सिंघल ने 17 से 19 जून तक इन रेलखंडों का वैधानिक निरीक्षण किया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने मंगलवार को बताया कि निरीक्षण के उपरांत सीआरएस ने कटिहार-कुरेठा (11.06 किमी) और कटिहार-सोनैली (16.215 किमी) दोहरी लाइन खंडों की मुख्य लाइन पर अधिकतम 110 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से यात्री एवं मालगाड़ियों के परिचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उन्होंने बताया कि इन दोहरी रेलखंडों के चालू होने से रेल यातायात संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे लाइन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और व्यवस्थित होगी तथा पूरे नेटवर्क की परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी। साथ ही यात्री ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर होने और माल ढुलाई में तेजी आने की भी उम्मीद है।
सीपीआरओ के अनुसार, ये दोनों रेलखंड कटिहार-कुमेदपुर और कटिहार-मुकुरिया नई दोहरी लाइन परियोजनाओं का हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते रेल यातायात के दबाव को कम करना, लाइन क्षमता का विस्तार करना और परिचालन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन रेलखंडों के शुरू होने से न केवल यात्रियों को बेहतर और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएं मिलेंगी, बल्कि माल परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ होगा। इससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ रेलवे नेटवर्क की समग्र क्षमता में भी वृद्धि होगी।
पूसीरे ने इस अवसर पर आम जनता से रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने लोगों से पटरियों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने तथा अनधिकृत स्थानों से रेलवे लाइन पार करने से बचने का आग्रह किया है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को केवल निर्धारित रेलवे क्रॉसिंग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
रेलवे ने चेतावनी दी है कि अनधिकृत रूप से रेलवे पटरियों को पार करना न केवल रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है, बल्कि इससे जान-माल की हानि का गंभीर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। साथ ही इससे रेल परिचालन प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए सभी नागरिकों से सुरक्षा मानकों का पालन करने और रेलवे परिसरों में सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

