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असम : दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान डीएचआर शुरू करेगा छह विशेष जॉयराइड सेवाएं

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असम : दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान डीएचआर शुरू करेगा छह विशेष जॉयराइड सेवाएं


गुवाहाटी, 26 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के अंतर्गत यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए एक अक्टूबर, 2026 से छह विशेष अतिरिक्त जॉयराइड सेवाएं शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को दार्जिलिंग की मनोरम पहाड़ियों में ऐतिहासिक रेलवे यात्रा, खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेने का एक यादगार अवसर प्रदान करना है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बुधवार काे बताया कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए, डीएचआर दार्जिलिंग और घूम के बीच चार एकतरफा जॉयराइड सेवाएं संचालित करेगा। दार्जिलिंग से घूम के लिए सेवाएं 09:20 बजे और 11:25 बजे रवाना होंगी, जबकि घूम से दार्जिलिंग के लिए सेवाएं 10:25 बजे और 12:30 बजे प्रस्थान करेंगी। इन सेवाओं का संचालन डीजल इंजन वाली ट्रेनों द्वारा किया जाएगा और प्रस्तावित किराया 800 रुपये प्रति एकतरफा यात्रा होगा।

इसके अतिरिक्त, डीएचआर कार्सियांग और महानदी के बीच दो विशेष आवागमन जॉयराइड सेवाएं शुरू करेगा, जिससे यात्रियों को दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के सबसे मनोरम और समृद्ध विरासत वाले खंडों में से एक का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। पहली सेवा “रेड पांडा” भाप इंजन द्वारा संचालित होगी और कार्सियांग से 09:00 बजे रवाना होगी, जबकि महानदी से इसकी वापसी यात्रा 10:00 बजे होगी। इस आवागमन यात्रा के लिए प्रस्तावित किराया 1,530 रुपये होगा।

दूसरी आवागमन जॉयराइड सेवा “मुक्त धारा” डीजल इंजन द्वारा संचालित होगी। यह सेवा कार्सियांग से 15:15 बजे रवाना होगी, जबकि महानदी से इसकी वापसी यात्रा 16:00 बजे होगी। इस आवागमन यात्रा का प्रस्तावित किराया 1,030 रुपये होगा। भारत के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि के रूप में इस सेवा का नाम “मुक्त धारा” रखा गया है। टैगोर की प्रसिद्ध कविता ‘मुक्त धारा’ पगलाझोरा की प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी है, जो इस नई सेवा में एक विशिष्ट साहित्यिक और सांस्कृतिक आयाम जोड़ती है।

इन विशेष जॉयराइड सेवाओं की शुरुआत बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ डीएचआर की समृद्ध विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रयासों को और मजबूत करेगी। ये सेवाएं पर्यटकों को विरासत रेल यात्रा, भाप इंजन तकनीक, मनमोहक पहाड़ी परिदृश्य और दार्जिलिंग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम का आनंद लेने का अवसर प्रदान करेंगी। नियमित संचालन शुरू होने से पहले, सितंबर के अंत में स्टेशन महोत्सव की पूर्व संध्या पर महानदी रेलवे स्टेशन पर “मुक्त धारा” का एक विशेष परिचालन आयोजित किया जाएगा।

त्योहारों के दौरान शुरू की जा रही यह पहल दार्जिलिंग के पर्वतीय क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा देगी। इन विशेष सेवाओं से यात्रियों को यहां की ऐतिहासिक रेल यात्रा, प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इन सेवाओं के माध्यम से, डीएचआर इतिहास, प्रकृति और पर्वतीय क्षेत्र के शाश्वत आकर्षण से जुड़ा एक समृद्ध एवं यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करने का प्रयास करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय