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पूसीरे के महाप्रबंधक ने विकासात्मक कार्यों का किया निरीक्षण

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पूसीरे के महाप्रबंधक ने विकासात्मक कार्यों का किया निरीक्षण


गुवाहाटी, 26 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने 24 मार्च को लामडिंग मंडल के अधीन विभिन्न सेक्शनों में बुनियादी ढांचे के विकास, संरक्षा प्रणालियों तथा यात्री सुविधाओं की समीक्षा के लिए व्यापक निरीक्षण किया। उनके साथ पूसीरे, मुख्यालय तथा मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी थे। चल रहे विभिन्न विकास पहलों एवं परियोजनाओं का निरीक्षण किया गया, ताकि पूसीरे के रणनीतिक दृष्टिकोण और परिचालन प्राथमिकताओं के अनुरूप उसकी निरंतर प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने गुरुवार काे बताया कि कामाख्या से प्रारंभ हुए इस निरीक्षण में लामडिंग, डिफू तथा बड़पथार सहित प्रमुख स्थान शामिल थे। लामडिंग में महाप्रबंधक ने रिलीफ यार्ड में प्रस्तावित लोको मिड-लाईफ रिहबिलिटेशन प्रोजक्ट की समीक्षा की, जिसका उद्देश्य इंजन की दक्षता तथा दीर्घकालिक परिचालन स्थिरता को बढ़ाना है। बोकाजान और बड़पथार के बीच 31.3 किमी मार्ग पर सफल स्पीड ट्रायल में 120 किमी/घंटा तक की गति हासिल की गई, जिसमें सभी सुरक्षा प्रतिबंधों का पालन किया गया। यह पूसीरे की क्षमता वृद्धि, ट्रैक मानकों तथा सुरक्षित ट्रेन परिचालन पर निरंतर ध्यान को दर्शाता है।

डिफू में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण यात्री-केंद्रित तथा संरक्षा-वर्धक पहलों का मुआयना किया तथा उन पहलों का प्रदर्शन भी किया गया। इनमें डिफू–दलदली के बीच इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग डबल सेक्शन प्रणाली शामिल था, जो 10 किमी सेक्शन में परिचालन संरक्षा को काफी मजबूत करता है। स्टेशन सुरक्षा तथा यात्री विश्वास को और अधिक बढ़ाने के लिए सीसीटीवी निगरानी प्रणालियों की भी समीक्षा की गई।

इसके अतिरिक्त, समपार फाटक संख्या एसटी-58 को प्रतिस्थापित करने वाले नवनिर्मित रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का भी निरीक्षण किया गया, जो सुरक्षा में सुधार, निर्बाध सड़क-रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने तथा भीड़भाड़ कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बड़पथार स्टेशन पर महाप्रबंधक ने विस्तृत निरीक्षण कर समपार फाटकों पर डेटा एवं वॉइस रिकॉर्डिंग सिस्टम सहित आधुनिक प्रौद्योगिकियों की कार्यप्रणालियों का अवलोकन किया।

संरक्षा तथा रखरखाव मानकों को सुनिश्चित करने के लिए प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग्स, लॉन्ग वेल्डेड रेल्स तथा स्विच एक्सपैंशन ज्वाइंट्स जैसे महत्वपूर्ण ट्रैक घटकों का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने फील्ड कर्मियों के साथ बातचीत कर उनलोगों के कार्यनिष्ठा की सराहना की तथा संरक्षा, दक्षता एवं टीम वर्क पर जोर दिया।

प्रमुख इंजीनयरिंग परिसंपत्तियों का भी निरीक्षण किया गया जिसमें छोटे तथा बड़े पुल शामिल थे। मानव रहित क्रॉसिंग तथा नवाचारी ट्रॉली माउंटेड ग्रीसिंग सिस्टम पर पूर्व-चेतावनी तंत्र जैसे उन्नत संरक्षा प्रणालियों की समीक्षा की गई, जो पूसीरे के आधुनिक रखरखाव प्रथाओं तथा प्रौद्योगिकी-चालित समाधानों पर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है। यह निरीक्षण जामुगुरि में समीक्षा के साथ आगे बढ़ा। लामडिंग मंडल के अधीन चल रहे परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

इस निरीक्षण ने पूसीरे के आधुनिकीकरण, उन्नत संरक्षा मानकों तथा उत्कृष्ट यात्री अनुभव के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित किया। निरंतर निगरानी, बुनियादी ढांचे के उन्नयन तथा सक्रिय पहलों के माध्यम से पूसीरे इस क्षेत्र में कुशल, विश्वसनीय तथा यात्री-अनुकूल रेल सेवाएं प्रदान करने को समर्पित है। -------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय