पूसीरे में किए जा रहे डेमू ट्रेन की उपलब्धता और यात्री सुविधा में सुधार कार्य
गुवाहाटी, 02 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर और आस-पास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने, यात्रियों की सुविधा बेहतर करने और परिचालन अवसंरचना को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) निरंतर मजबूत कर रहा है। हालिया पहलों की एक शृंखला में शुरू किए गए कई पहलों में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और डेमू रेक को बढ़ाना शामिल है। इससे इस क्षेत्र को व्यापक सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलेगा।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने साेमवार काे बताया है कि एक उल्लेखनीय विकास में, न्यू बंगाईगांव कैरेज एंड वैगन कारखाना के नवनिर्मित डेमू शेड में एक लोड बॉक्स टेस्टिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। कारखाना ने आवश्यक इलेक्ट्रिकल संशोधन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं, जिसमें नए शेड में ही केबल एक्सटेंशन का प्रावधान और लोड बॉक्स टेस्टिंग करने के लिए एक अतिरिक्त पैनल लगाना शामिल है। यह आधुनिक व्यवस्था टेस्टिंग कार्यों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
इस सुविधा के चालू होने से, डेमू रेक के ड्राइविंग पावर कार्स (डीपीसी) को अब उसी शेड में टेस्ट किया जाएगा, जिससे लोड बॉक्स टेस्टिंग के लिए उन्हें दूसरी जगह ले जाने का पुराना तरीका समाप्त हो जाएगा। इससे अनावश्यक शंटिंग ऑपरेशन कम हुए हैं, मूवमेंट में होने वाले समय की बर्बादी कम हुई है और मैनपावर का बेहतर उपयोग हुआ है। इस पहल से कार्यप्रवाह काफी आसान हो गया है, जिससे डेमू रेक का टर्नअराउंड तेज़ी से हुआ है और परिचालन दक्षता बेहतर हुई है।
इसके साथ ही, पूसीरे ने विशेषकर कम दूरी और सबअर्बन सेक्शन में बढ़ते पैसेंजर डिमांड को पूरा करने के लिए डेमू रेकों की संख्या में वृद्धि करने और मेंटेन करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। बेहतर मेंटेनेंस क्षमता और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से डेमू सर्विस की ज़्यादा उपलब्धता, बेहतर विश्वसनीयता और समय की पाबंदी सुनिश्चित होगी।
इन पहलों के व्यापक लाभ रेल परिचालन से कहीं अधिक हैं। डेमू की बेहतर उपलब्धता से असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों, छात्र-छात्राओं, छोटे व्यापारियों और ऑफिस जाने वालों को सीधे मदद मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से इलाके की आर्थिक प्रगति में मदद मिलती है। बाज़ारों, हेल्थकेयर और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच आसान होती है और दूर-दराज एवं छोटे शहरों के स्टेशनों का बड़े जंक्शनों से जुड़ाव मज़बूत होता है।
आधुनिक तकनीक अपनाने, कारखाना की क्षमता को बेहतर बनाने और यात्री सेवाओं को अपग्रेड करने के लिए पूसीरे प्रतिबद्ध है, ताकि भारतीय रेलवे के सुरक्षित, कुशल और यात्री अनुकूल परिवहन प्रदान करने के विजन के मुताबिक कार्य किया जा सके। निरंतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सेवा में बढ़ाेतरी कर क्षेत्रीय विकास को तेज करने और पूरे पूर्वोत्तर में निर्बाध गतिशीलता सुनिश्चित करने में पूसीरे अहम भूमिका निभा रहा है।----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

