नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन न करने दलाें के खिलाफ भाजपा महिला माेर्चा ने किया प्रदर्शन
गुवाहाटी, 23 अप्रैल (हि.स.)। राजधानी के खानापारा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय के खेल मैदान में गुरुवार को असम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन 16-17 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में प्रस्तुत “नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन) 2026” के समर्थन में किया गया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों का अपमान कर रहे हैं। इसी के विरोध में हजारों महिलाओं ने रैली निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण के पक्ष में नारे लगाए और विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की।
इस दाैरान महिला मोर्चा की नेताओं ने कहा कि यह विधेयक देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने एकजुट होकर महिला अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने सभा में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश की स्वतंत्रता के बाद से लंबे समय तक शासन किया, फिर भी कभी महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों के लिए कोई विशेष कदम उठाया नहीं गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल्द ही महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत लोकसभा और विधानसभा सीटें आरक्षित की जाएंगी। इसके साथ ही सैकिया ने अपने संबोधन में टिप्पणी की कि कांग्रेस और विपक्षी दल केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही प्राथमिकता देने की कोशिश कर रहे हैं।
सभा में उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं गुवाहाटी की पूर्व सांसद पद्मश्री विजय चक्रवर्ती ने भी विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकार अवश्य मिलने चाहिए। इसके साथ ही डॉ. भूपेन हजारिका का 'आह आह ओलाई आह' गीत उन्होंने मंच से स्वयं प्रस्तुत करके उपस्थित हजारों महिलाओं को उत्साहित किया।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलिमा देवी ने कांग्रेस की महिला विरोधी स्थिति के लिए आलोचना की। आज की इस प्रदर्शनात्मक कार्यक्रम में एनडीए सहयोगी दल से असम गण परिषद (अगप) का प्रतिनिधित्व करते हुए असम महिला परिषद की प्रदेश अध्यक्ष पूरबी तालुकदार, बीपीएफ दल का प्रतिनिधित्व करते हुए बीटीसी की ईएम बेगम अख़्तारा अहमद, राभा हासोंग संयुक्त मंच की सचिव सीता राभा और राभा हासोंग स्वायत्त शासित परिषद की ईएम जोनाली राभा उपस्थित रहीं। असम की प्रसिद्ध गायिका शांता उजिर, मालविका बोरा, संध्या मेनन ने भी इस सभा में हिस्सा लिया।
इस सभा में महिला शक्ति को प्राप्त होने वाले अधिकार और महिला शक्ति को मिलने वाली समान गरिमा के पक्ष में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी के लिए व्यापक जनमत बना। 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, यह मातृ महिला शक्ति के प्रति दया या करुणा नहीं है, यह महिला शक्ति को मिलने वाले अधिकार का हिस्सा है। कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने जैसे 'महिला शक्ति सम्मान अधिनियम (संशोधन) 2026' का विरोध कर महिलाओं की राजनीतिक उन्नति में बाधा उत्पन्न की और उनका अपमान किया, यह देश की महिला शक्ति बर्दाश्त नहीं करेगी। महिला विरोधी कांग्रेस की यह नकारात्मक सोच देश की विकास प्रक्रिया में भी बाधा की दीवार के रूप में दिखाई देती है।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

