असम : नलबाड़ी हमले की शिकार युवती की जीएमसीएच में एक माह बाद हुई मौत
गुवाहाटी, 03 जुलाई (हि.स.)। असम के नलबाड़ी ज़िले में हुए एक बर्बर हमले से राज्य में हड़कंप मच गया था। इस घटना के एक महीने से ज़्यादा समय बाद, आज सुबह गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में 18 वर्षीय मृदुमुद्रा डेका की चोटों के कारण मौत हो गई। इसके साथ ही इस मामले में मरने वालों की संख्या दो हो गई है।
ज्ञात हो कि, 30 मई की रात मुकलमुआ के अंतर्गत गंगापुर में हुए कथित हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद से ही मृदुमुद्रा का जीएमसीएच में गहन इलाज चल रहा था। एक महीने से ज़्यादा समय तक चले इलाज के बावजूद, वह अपनी चोटों से उबर नहीं सकीं और उनकी मौत हो गई।
इस हमले में मृदुमुद्रा के भाई 19 वर्षीय मधुर्ज्य बर्मन की भी जान चली गई थी, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। नलबाड़ी जिलांतर्गत सामता के बालीपथार निवासी मधुर्ज्य, वेस्ट नलबाड़ी रीजनल स्टूडेंट्स यूनियन के सह महासचिव थे।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृदुमुद्रा और मधुर्ज्य स्कूटर से 30 मई की रात को नलबाड़ी शहर से घर लौट रहे थे, तभी रोज अली ने कथित तौर पर उन्हें रोका और उन पर हमला किया।
बाद में पीड़ित सड़क किनारे खून से लथपथ और कई चोटों के साथ पाए गए। मधुर्ज्य को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि मृदुमुद्रा को पहले एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर गंभीर हालत में गुवाहाटी के जीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
इस घटना ने पूरे नलबाड़ी में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था। स्थानीय निवासियों, छात्र संगठनों और संस्थाओं ने दोषियों के खिलाफ़ त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।
घटना के पीछे लव जिहाद का आरोप लगाया गया था। जिसके चलते यह मामला काफी तूल पकड़ लिया था। 3 जुलाई को मृदुमुद्रा की मौत के साथ ही यह मामला और गंभीर हो गया है, जिससे त्वरित जांच और आरोपियों पर मुकदमा चलाने की मांग और तेज़ हो गई है।
इस बीच, मुख्य आरोपित रोज अली को असम पुलिस द्वारा मुकलमुआ में पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। युवती की मौत के बाद एक बार फिर से यह मुद्दा बेहद गंभीर हो गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की बारिकी से जांच में जुटी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

