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वन महोत्सव पर असम सरकार का बड़ा हरित अभियान, एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

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वन महोत्सव पर असम सरकार का बड़ा हरित अभियान, एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य


पबितरा (असम), 02 जुलाई (हि.स.)। असम के वन मंत्री जयंत मल्लबरुवा ने गुरुवार को 77वें वन महोत्सव के अवसर पर पोबितरा वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों, वन विभाग के अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों के साथ 77 पौधे लगाए। कार्यक्रम के दौरान राज्य में जनभागीदारी के माध्यम से हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से कई नई पर्यावरणीय पहलों की घोषणा भी की गई।

मंत्री ने कहा कि अमृत वृक्ष आंदोलन के तहत 10 से 14 अगस्त तक राज्यभर में एक करोड़ पौधे लगाने का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में कक्षा 9 से ऊपर के लगभग 10 लाख छात्र-छात्राएं, कॉलेज, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों के विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रत्येक छात्र 10 पौधे लगाएगा। पौधों के संरक्षण के लिए जॉब कार्ड धारकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी तथा सफल संरक्षण करने वाले विद्यार्थियों को 'वृक्ष बंधु' प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने 'फलबाड़ी' योजना की भी घोषणा की, जिसके तहत अगले वर्ष अप्रैल से राज्यभर में एक करोड़ स्वदेशी फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा। इस योजना में आम, कटहल, लेटेकू, पानीयाल, करदई और काजी नेमू जैसी पारंपरिक प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए अक्टूबर से नर्सरी विकास कार्य शुरू होगा।

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रत्येक वन रेंज में 'जन्मदिन सेउज शपथ' (बर्थडे गार्डन) स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन 7 जुलाई को वन महोत्सव के समापन दिवस पर होगा। नागरिक अपने जन्मदिन पर पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प ले सकेंगे। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।

उन्होंने ब्रह्मपुत्र के चर-चापोरी क्षेत्रों को हरित बनाने के लिए ड्रोन के माध्यम से सीड-बॉल तकनीक का उपयोग कर पायलट परियोजना शुरू करने की घोषणा की। साथ ही, अवैध आरा मिलों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की बात कहते हुए बताया कि प्रतिदिन 40 से 60 अवैध आरा मिलों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों से अवैध आरा मिलों का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मल्लबरुवा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार वन संरक्षण और जनसहभागिता को बढ़ावा देते हुए असम को अधिक हरित, स्वस्थ और सतत भविष्य की दिशा में आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश