असम: गुवाहाटी के स्टेट वॉर मेमोरियल में मनाया गया कारगिल विजय दिवस
-राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का किया आह्वान
गुवाहाटी, 26 जुलाई (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने रविवार को गुवाहाटी के दिघलीपुखुरी स्थित स्टेट वॉर मेमोरियल में आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह में भाग लेकर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। असम के सैनिक कल्याण निदेशालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक विजय का स्मरण करते हुए देश की सशस्त्र सेनाओं के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को नमन किया गया।
राज्यपाल ने पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, पराक्रम और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों ने विषम परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की, जिसका राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सैनिकों के अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों, सेवारत सैन्य अधिकारियों और शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। भारतीय सशस्त्र बलों की निष्ठा और समर्पण ही देश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कारगिल युद्ध के शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। सम्मानित होने वालों में शहीद कैप्टन जिंटू गोगोई (वीआरसी) के पिता पूर्व फ्लाइंग ऑफिसर ठोगीराम गोगोई और माता डुलु प्रभा गोगोई, शहीद गनर उद्धव दास की माता थागेश्वरी दास, नायक (स्वर्गीय) सोमेश्वर सैकिया (एससी) की पत्नी भारती सैकिया, सिपाही (स्वर्गीय) रूपम गोगोई (एससी) की माता हिरण्य गोगोई तथा हवलदार (स्वर्गीय) पदम बहादुर श्रेष्ठ की पत्नी ढल कुमारी श्रेष्ठ शामिल थीं।
समारोह में सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा सेवाओं से जुड़े पूर्व सैनिक, नागरिक प्रशासन के अधिकारी, एनसीसी कैडेट, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को याद किया।
राज्यपाल ने सैनिक कल्याण निदेशालय द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान तथा उनके कल्याण के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहने चाहिए।
कार्यक्रम का समापन देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा राष्ट्रसेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

