असम में 595 केवीपी ग्राउंड -माउंटेड ऑन-ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्र का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
कछार (असम), 01 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार काे कछार जिलांतर्गत कूम्बर चाय बागान में 595 किलोवाट-पीक क्षमता वाले ग्राउंड-माउंटेड, ऑन-ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया। यह संयंत्र असम के चाय बागान क्षेत्र तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि राज्य सरकार चाय बागान पर्यटन को बढ़ावा देने और चाय बागानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है, ताकि वे ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बन सकें।
ऐरेज इंजीनिरिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एआर प्रसाद की ओर से रणवीर सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. सरमा का पारंपरिक असमिया गामोछा पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर लखीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री कौशिक राय, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री एवं पाथरकांदी विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्णेंदु पॉल, सिलचर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजदीप रॉय, उधारबंद विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजदीप ग्वाला, कूम्बर चाय बागान के प्रबंधक अनिल गुरुंग और सहायक प्रबंधक जितुल चेतिया आदि भी उपस्थित रहे।
इस परियोजना में टाटा पावर सोलर, गुडरिक, सस्टवेस्ट और ऐरेज़ इंजीनिरिया शामिल हैं। ऐरेज़ इंजीनिरिया ने इसमें इंस्टॉलेशन पार्टनर की भूमिका निभाई। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल) के कुंडल कांत सिंह, अभिनंदा बसु, संतोष सिंह और बलीराम तथा सस्टवेस्ट के सीईओ हार्दिक और देवयांश के मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से यह परियोजना आगे बढ़ी। संयंत्र की स्थापना ऐरेज़ इंजीनिरिया की टीम द्वारा की गई है, जिसमें पूर्व सैनिक बीरेंद्र और दिनेश भी शामिल हैं।
इस परियोजना का विषय प्रधानमंत्री के पंचामृत और मुख्यमंत्री के ग्रीन असम लक्ष्यों को गति रखा गया है। यह परियोजना भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं और राज्य के स्वच्छ ऊर्जा एजेंडे से जुड़ी है।
ऐरेज इंजीनिरिया पूर्व सैनिकों द्वारा स्थापित एक एमएसएमई है। कंपनी का ध्येय वाक्य फ्रॉम ऑलिव ग्रीन टू गो ग्रीन है। यह ध्येय सैन्य अनुशासन, नेतृत्व और मिशन-आधारित मूल्यों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र तक लाने का संकल्प दर्शाता है। कंपनी पूर्व सैनिकों को उनकी दूसरी पारी के लिए रोजगार के अवसर भी देती है।
अधिकारियों ने कहा कि यह उद्घाटन दिखाता है कि सरकार, उद्योग और चाय बागान मिलकर पूरे असम में स्वच्छ और टिकाऊ बिजली का विस्तार कैसे कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

