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तामुलपुर में भारत-भूटान सीमावर्ती इलाके में जंगली हाथियों के हमले में दो व्यक्तियों की मौत

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तामुलपुर (असम), 28 अक्टूबर (हि.स.)। तामुलपुर जिले में भारत-भूटान सीमावर्ती इलाके में जंगली हाथी-मनुष्य संघर्ष भयावह रूप ले चुका है। इस कड़ी में आज फिर से एक बार भारत-भूटान सीमा के हाथीडूबा और एनसी आंगारकाटा में जंगली हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान बौवा लोहार (55) और बुधुवा पाइक (50) के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह खेतों में जाने के दौरान जंगली हाथियों के हमले में दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस एवं वन विभाग की टीम पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

उल्लेखनीय है कि, बीते 27 अक्टूबर को भी भारत-भूटान सीमा के पहारपुर में जंगली हाथियों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड पिछले कुछ दिनों से खाने की तलाश में भूटान की पहाड़ियों से उतरकर तामुलपुर जिले की भारत-भूटान सीमावर्ती में आतंक मचा रहा है। हाथियों का झुंड लोगों के घरों में घुस रहे हैं, तामुल के बागान को तहस-नहस कर रहे हैं, खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान ही नहीं पहुंचा रहे, बल्कि पके हुए धान खा रहे हैं।

जंगली हाथियों के उत्पात से किसान डरे हुए हैं और फसल को बर्बाद होता देख बेहद मायूस हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों की समस्या के समाधान के लिए ठोस एवं पुख्ता कारगर कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय