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नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

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नर्सिंग सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू


गुवाहाटी, 06 अक्टूबर (हि.स.)। असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने मंगलवार को राज्य में नर्सों के ज्ञान, कौशल और पेशेवर क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के सीएन सेंटर सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नर्सों के लिए तैयार मानक कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण कार्ययोजना और प्रशिक्षण पुस्तिका भी जारी की गई।

कार्यक्रम का आयोजन चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, असम की पहल पर असम स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा विकास एवं प्रबंधन समिति के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानवीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बदलती चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप नर्सों के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को लगातार विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि राज्यभर में नियमित और योजनाबद्ध प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, मरीजों की सुरक्षा, सेवा की गुणवत्ता तथा पेशेवर जिम्मेदारियों के क्षेत्र में और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। प्रशिक्षण पुस्तिका के माध्यम से प्रत्येक नर्स के प्रशिक्षण और कौशल विकास की प्रगति को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।

सिंघल ने प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कामकाज की दक्षता, सेवा के मानकों और मरीजों के प्रति जिम्मेदारी के आधार पर हर माह एक ‘श्रेष्ठ नर्स’ का चयन कर उसे सम्मानित एवं पुरस्कृत करने की व्यवस्था का सुझाव दिया।

उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में सफलतापूर्वक लागू की गई श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की पहचान कर उन्हें अन्य संस्थानों में भी लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक संस्थान की सफल पहल को अन्य संस्थानों द्वारा अपनाने से पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के मामले में असम ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के डीवीडीएमएस सेंट्रल डैशबोर्ड की राज्य रैंकिंग में असम को यह स्थान मिला है। सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के आधार पर यह मूल्यांकन किया गया है।

कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. डॉ. मनोज कुमार चौधरी, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रणव शर्मा, श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुजीत बर्धन, जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. बाबुल बेजबरुवा सहित राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के अधीक्षक मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश