राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और पूर्वोत्तर में शिक्षा के विकास पर मंथन
गुवाहाटी, 04 नवंबर (हि.स.)। असम के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने बुधवार को प्रागज्योतिषपुर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘उत्तर-पूर्व शिक्षा सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। सम्मेलन में देश की शिक्षा व्यवस्था के भविष्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन और पूर्वोत्तर क्षेत्र में शैक्षणिक विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
सिंघल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सम्मेलन की झलकियां साझा करते हुए कहा कि उन्हें ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का क्रियान्वयन : कार्यान्वयन से उत्कृष्ट परिणाम तक’ विषय पर आयोजित चर्चा और विचार-विमर्श में शामिल होकर खुशी हुई।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को केवल लागू करने तक सीमित न रखते हुए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का भी प्रमुख आधार है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, कौशल आधारित और विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करना आवश्यक है।
उन्होंने पूर्वोत्तर की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा नई पीढ़ी के लिए ज्ञान, कौशल और संभावनाओं के नए अवसर खोलने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और सांसद बिजुली कलिता मेधी भी उपस्थित थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

