home page

स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने आरबीएसके 2.0 का किया शुभारंभ

 | 
स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने आरबीएसके 2.0 का किया शुभारंभ


- जन्मजात विकृतियों, कुपोषण, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और मधुमेह की शीघ्र पहचान पर जोर

गुवाहाटी, 13 अक्टूबर (हि.स.)। असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल ने मंगलवार को गुवाहाटी स्थित प्रागज्योतिष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) 2.0 के दिशा-निर्देशों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

इस पहल का उद्देश्य राज्य में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना है। आरबीएसके 2.0 के तहत जन्मजात विकृतियों, कुपोषण, विभिन्न बीमारियों और विकास संबंधी देरी की शुरुआती अवस्था में पहचान की जाएगी। इसके अलावा बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य उभरती स्वास्थ्य समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंत्री सिंघल ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान होने से उचित उपचार शुरू करने और भविष्य में होने वाली जटिलताओं को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सरकार, परिवार, विद्यालयों और समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उचित पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर भी प्रकाश डाला। मंत्री ने विद्यालयों में स्वास्थ्य क्लबों की गतिविधियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के बीच पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए।

उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन बच्चों में समस्याएं सामने आएंगी, उन्हें उचित उपचार और आगे की आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

कार्यक्रम की शुरुआत असम राज्य गीत के गायन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यकारी निदेशक ने स्वागत भाषण दिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. लक्ष्मणन एस, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी, प्रागज्योतिष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार वैश्य सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश