स्वस्थ डॉक्टरों से ही बनेगा स्वस्थ समाज: अशोक सिंघल
गुवाहाटी, 16 जुलाई (हि.स.)। युवा पीढ़ी और मेडिकल छात्रों के बीच स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (एसएसयूएचएस) ने गुरुवार को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आपका भविष्य: स्वस्थ जीवनशैली की आदतें शीर्षक के तहत एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में असम के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान मंत्री अशोक सिंघल ने स्वस्थ जीवनशैली की आदतों को अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ डॉक्टरों के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। भविष्य के डॉक्टर, जिन पर समाज की देखभाल की जिम्मेदारी है, उन्हें सबसे पहले अपनी खुद की सेहत और भलाई का ध्यान रखना चाहिए। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य जैसी बीमारियों की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए उन्होंने इलाज से अधिक रोकथाम को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वस्थ जीवनशैली के पांच स्तंभों पर प्रकाश डाला: संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, मानसिक स्वास्थ्य, तंबाकू, शराब और अन्य नशों से मुक्ति और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पतालों में ही शुरू नहीं होती, बल्कि व्यक्ति अपने परिवार, शिक्षण संस्थानों, कार्यस्थलों और समुदायों में हर दिन जो स्वस्थ विकल्प चुनते हैं, उनसे भी इसकी शुरुआत होती है।
मंत्री सिंघल ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, मानसिक शांति, पर्याप्त नींद और अनुशासित जीवनशैली बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने पूरे राज्य में अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वस्थ असम बनाने के लिए हर नागरिक की समान भागीदारी और स्वस्थ जीवनशैली की आदतों को अपनाना आवश्यक है। अच्छी सेहत के लिए रोजाना टहलना, संतुलित खान-पान, तंबाकू और दूसरी बुरी आदतों से दूर रहना, तनाव कम करना और पूरी नींद लेना चाहिए।
उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि वे इन मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएं और बीमारियों से बचाव वाली स्वास्थ्य सेवा और जन-स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्वस्थ जीवनशैली के दूत बनें।
कार्यक्रम में लगभग 500 मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में देश भर के जाने-माने विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य, योग, शारीरिक गतिविधि, रोजाना की स्वस्थ आदतों और चेतना के विज्ञान पर सत्र आयोजित किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

