असम में धर्मांतरण कानून के तहत प्रतिबंधित, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई : मंत्री बिश्वजीत दैमारी
गुवाहाटी, 07 जुलाई (हि.स.)। असम सरकार के मंत्री बिश्वजीत दैमारी ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण कानून के तहत प्रतिबंधित है और इसके विरुद्ध कड़ा कानून पहले से लागू है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण से संबंधित कोई भी शिकायत मिलने पर आरोपितों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री दैमारी आज असम विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के बाद सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
दैमारी ने लोगों से धर्मांतरण के मामलों को लेकर सतर्क रहने और ऐसी गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को देने की अपील की। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन जनजाति संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रा से संबंधित एक सवाल के जवाब में भी मंत्री दैमारी ने स्थानीय लोगों के धार्मिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर उत्तर दिया था।
उन्होंने कहा कि बोडो लोगों को यह तय कर लेना चाहिए कि उन्हें अपनी जनजातीय परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखना है या फिर क्रिश्चियन बनकर रहना है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यकों का एक वर्ग अल्पसंख्यक समुदाय के लिए उपलब्ध सभी सुविधाओं का लाभ लेने के साथ-साथ अवैध रूप से अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा प्राप्त कर जनजातीय समुदायों के लिए आरक्षित सुविधाओं का भी लाभ उठा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

