‘कवरी बंधन’ पुस्तक का लोकार्पण एवं ‘सती राधिका शांति दिवस’ का आयोजन
गुवाहाटी, 02 मई (हि.स.)। भारतीय इतिहास संकलन समिति, असम के तत्वावधान में तथा कामरूप महानगर समिति के सहयोग से असम की राजधानी गुवाहाटी के भरलुमुख स्थित आलोक भवन के संघसाधक मधुकर लिमये प्रेक्षागृह में शुक्रवार को ‘पुस्तक लोकार्पण समारोह’ एवं ‘सती राधिका शांति दिवस’ के उपलक्ष्य में एक विशेष व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।
भारतीय इतिहास संकलन समिति, असम की ओर से शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि मां कामाख्या धाम देवालय के पूर्व दोलोई यदुनाथ शर्मा द्वारा रचित “कवरी बंधन” ग्रंथ का लोकार्पण उत्तर लखीमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मुकुल चंद्र बोरा द्वारा किया गया। साथ ही, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं असम लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. निरंजन कलिता ने “सती राधिका शांति दिवस की प्रासंगिकता” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में असम साहित्य सभा के पूर्व उपाध्यक्ष कनक चंद्र शर्मा तथा कामाख्या देवालय के दोलोई कविन्द्र प्रसाद शर्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दो बाल कलाकारों, आराध्या बर्मन एवं आश्वास आयुस्मान द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण एवं दुर्गा स्तुति से हुआ। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के राष्ट्रीय महासचिव हेमंत धिंग मजूमदार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग डेढ़ सौ इतिहास प्रेमी एवं साहित्य अनुरागी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में “पंच परिवर्तन” विषय पर विशेष प्रकाश डाला तथा वर्तमान समय में सामाजिक समरसता के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में ऐतिहासिक चरित्र सती राधिका का उल्लेख किया।
कार्यक्रम का संचालन कामरूप महानगर समिति की महिला टोली की सदस्या रोज़ी पाठक ने किया। अंत में भारतीय इतिहास संकलन समिति, असम के प्रांतीय प्रचार प्रमुख प्रांजल दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

