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विकास की नई रफ्तार के 100 दिन, विकसित असम की दिशा में सरकार के अहम कदम: भाजपा

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विकास की नई रफ्तार के 100 दिन, विकसित असम की दिशा में सरकार के अहम कदम: भाजपा


गुवाहाटी, 21 अगस्त (हि.स.)। असम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान सरकार ने विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, कृषि, उद्योग, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। असम प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता जयंत कुमार गोस्वामी ने कहा कि ये 100 दिन केवल समय का आंकड़ा नहीं, बल्कि विकास और परिवर्तन के लिए सरकार के संकल्प और निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक हैं।

गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने विकास के साथ जनकल्याण, आर्थिक सशक्तीकरण तथा असम की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा को समान प्राथमिकता दी है। सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए गए। इनमें छह महीने तक सरकारी वाहनों की खरीद पर रोक, विदेश यात्राओं के नियमन को सख्त करना, ईंधन खर्च में 20 प्रतिशत की कटौती और सरकारी कामकाज में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देना शामिल है। इसी बैठक में समान नागरिक संहिता के मसौदे को भी मंजूरी दी गई।

रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में असम में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन लागू करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर मजबूत करने के साथ सरकारी रिक्त पदों को तेजी से भरने के लिए विशेष कार्यबल का गठन किया गया है।

युवाओं को रोजगार, करियर मार्गदर्शन, उद्यमिता और नेतृत्व विकास से जोड़ने के उद्देश्य से अलग युवा सशक्तीकरण एवं विकास विभाग गठित किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई गति मिलेगी।

शिक्षा के क्षेत्र में असम राज्य उच्च शिक्षा परिषद के पुनर्गठन, गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के बुनियादी ढांचे के लिए भूमि हस्तांतरण तथा निजी विश्वविद्यालयों और स्कूली शिक्षा से जुड़ी नई नीतियों पर काम किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य असम को पूर्वोत्तर के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करना है।

चिकित्सा शिक्षा में एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश से संबंधित नए प्रावधान किए गए हैं। मोरान, मटक, कोच-राजबंशी, ताई अहोम और सुतिया समुदायों के साथ-साथ असम के स्थायी निवासी अनाथ विद्यार्थियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार के अनुसार, इन फैसलों से चिकित्सा शिक्षा में सामाजिक न्याय और समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा।

कृषि क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों को प्रोत्साहित करने, कृषि आय से संबंधित कर राहत देने और कृषि आधारित उद्यमों को मजबूत करने के उपाय किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण आय बढ़ाने और कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने में मदद मिलेगी।

शहरी विकास के लिए गुवाहाटी सैटेलाइट शहर विकास प्राधिकरण के गठन का निर्णय लिया गया है। इसके जरिए गुवाहाटी के आसपास नियोजित तरीके से सैटेलाइट शहर विकसित किए जाएंगे। वहीं, डिब्रूगढ़ को असम के दूसरे राजधानी क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए डिब्रूगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निवेश की योजना बनाई गई है।

विधायकों के स्थानीय क्षेत्र विकास कोष में वृद्धि से विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है।

औद्योगिक क्षेत्र में कारोबार को सुगम बनाने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, औद्योगिक संबंधों और श्रमिक कल्याण से जुड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार के अनुसार, इससे निवेश का माहौल बेहतर होगा, नए उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अतिरिक्त अवसर पैदा होंगे।

पर्यटन क्षेत्र में असम पर्यटन होमस्टे विकास एवं पंजीकरण ढांचे को मंजूरी दी गई है। इससे ग्रामीण और सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय उद्यमियों, युवाओं और छोटे आतिथ्य कारोबारियों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया है। सौर ऊर्जा खरीद, कार्बन अवशोषण, पर्यावरण अनुकूल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े उपायों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा बाल संरक्षण, कोचिंग संस्थानों के नियमन, पात्र पिछड़े वर्गों के लिए गैर-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र की सुविधा और विभिन्न समुदायों के लिए सामाजिक एवं शैक्षणिक अवसरों के विस्तार से जुड़े कई कदम उठाए गए हैं।

गोस्वामी ने कहा कि सरकार के पहले 100 दिनों के फैसले अधिक समावेशी, समान और सामाजिक रूप से सुरक्षित असम के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य विकसित असम को केवल एक दृष्टिकोण के रूप में नहीं, बल्कि योजनाबद्ध और निरंतर आगे बढ़ने वाली विकास यात्रा के रूप में साकार करना है।

उन्होंने असम की जनता के विश्वास और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 100 दिनों की यह उपलब्धि विकास की एक बड़ी यात्रा की शुरुआत है। सरकार समृद्ध, मजबूत और आत्मनिर्भर असम के निर्माण के लिए आगे भी काम करती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश