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असम के राज्यपाल ने विद्यार्थियों से सतत विकास का दूत बनने का किया आह्वान

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असम के राज्यपाल ने विद्यार्थियों से सतत विकास का दूत बनने का किया आह्वान


गुवाहाटी, 03 नवंबर (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मंगलवार को लोक भवन में स्प्रिंग डेल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सतत विकास का दूत बनने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उनके उत्साह, जिज्ञासा और आकांक्षाओं की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा समर्पण और निरंतर प्रयास के साथ उन्हें हासिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र चिंतन, आत्मविश्वास और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

राज्यपाल ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल मंचों का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी, विनम्रता, माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान तथा सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर भी जोर दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों से खेलकूद, योग और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा हानिकारक आदतों से दूर रहने की अपील की। साथ ही जल संरक्षण, पौधरोपण और स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को विकसित भारत युवा नेता संवाद, युवा एआई फॉर ऑल, इंस्पायर-मानक और इसरो की युविका जैसी पहलों का लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इससे पहले राज्यपाल सचिवालय के संयुक्त सचिव अरिंदम बरुवा ने राज्यपाल की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में राज्यपाल के ओएसडी डॉ. श्याम नारायण, लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी तथा विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश