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राज्यपाल ने डिब्रूगढ़ में नागाघुली घाट नदी संरक्षण परियोजना का किया निरीक्षण नदी तट संरक्षण, पर्यटन और रोजगार सृजन पर दिया जोर

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राज्यपाल ने डिब्रूगढ़ में नागाघुली घाट नदी संरक्षण परियोजना का किया निरीक्षण नदी तट संरक्षण, पर्यटन और रोजगार सृजन पर दिया जोर


गुवाहाटी, 15 जुलाई (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने बुधवार को डिब्रूगढ़ जिले में नागाघुली से फिलोनोगुरी तक ओकलैंड तटबंध पर चल रही नागाघुली घाट नदी संरक्षण परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ परियोजना की संरचनात्मक सुरक्षा, दीर्घकालिक स्थायित्व तथा तटबंध को और सुदृढ़ बनाने के उपायों की समीक्षा की।

राज्यपाल ने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी के तीव्र कटाव को देखते हुए इस परियोजना को आपातकालीन सुरक्षा उपायों के तहत तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत जियो बैग और पोर्क्यूपाइन संरचनाओं का उपयोग कर नद के बहाव की तीव्रता को कम करते हुए तटवर्ती क्षेत्रों और स्थानीय आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

नागाघुली और माइजान आर्द्रभूमि क्षेत्र पर केंद्रित इस परियोजना का उद्देश्य नद तट का स्थिरीकरण, कटाव रोकना और आर्द्रभूमि का पारिस्थितिक पुनर्जीवन है। परियोजना से 23 गांवों के लगभग दो लाख लोग तथा 1,050 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि लाभान्वित हुई है।

निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने तटबंध के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओं के विकास तथा नदी तट को सुरक्षित सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए पर्यटन और उससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य अभियंता (अपर असम क्षेत्र) समीरन डेका और डिब्रूगढ़ जल संसाधन प्रभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप दास ने राज्यपाल को परियोजना की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यपाल सचिवालय के संयुक्त सचिव अरिंदम बरुवा तथा डिब्रूगढ़ की अतिरिक्त उपायुक्त नंदिता बरुवा भी उपस्थित थीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश