डिब्रूगढ़ में नशा मुक्त भारत संकल्प पदयात्रा, राज्यपाल ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया
डिब्रूगढ़, 21 सितंबर (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में नशा मुक्त भारत संकल्प पदयात्रा के तीसरे चरण का नेतृत्व किया। उन्होंने युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी वर्गों से सामूहिक रूप से प्रयास करने का आह्वान किया।
जिला पुस्तकालय में पदयात्रा के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस पदयात्रा का उद्देश्य असम के हर वर्ग तक नशा मुक्त समाज का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवार, शैक्षणिक संस्थान, समुदाय, नागरिक समाज और प्रशासन की संयुक्त भूमिका आवश्यक है।
डिब्रूगढ़ को असम के इतिहास, विरासत और विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए आचार्य ने कहा कि जिले के युवाओं में राज्य के भविष्य को आकार देने की अपार क्षमता है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने तथा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के लिए स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सशक्त युवा आबादी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से नशा मुक्त भारत के अभियान में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की जयंती के अवसर पर राज्यपाल ने गुरूजना को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने युवाओं से मानवता, करुणा, अनुशासन, भक्ति और सदाचार की उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेने तथा नशीले पदार्थों से मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने अभिभावकों से बच्चों के साथ प्रेम, विश्वास और खुले संवाद का माहौल बनाए रखने तथा उनकी चिंताओं, संगति और गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए निरंतर जागरूकता, रोकथाम, सामुदायिक भागीदारी और युवाओं को सहयोग देना जरूरी है।
सभा के बाद राज्यपाल ने जिला पुस्तकालय परिसर में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और चौकीडिंगी मैदान की ओर पदयात्रा का नेतृत्व किया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, एनसीसी कैडेटों, शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, गैर सरकारी संगठनों, सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मियों, नागरिक समाज के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों तथा जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने भाग लिया।
इससे पहले डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त बिक्रम कैरी ने प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत संकल्प की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में परिवर्तन एवं विकास मंत्री रामेश्वर तेली, राज्यसभा सांसद तेरेस गोवाला, विधायक बिनोद हजारिका और चक्रधर गोगोई, डिब्रूगढ़ नगर निगम के महापौर डॉ. सैकत पात्रा, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जितेन हजारिका, जिला आयुक्त बिक्रम कैरी, एसएसपी गौरव अभिजीत दिलीप, असम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष ऋतुपर्ण बरुवा सहित जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

