राज्यपाल ने 2026 बैच के एसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों से किया संवाद, ईमानदारी और जनसेवा का दिया संदेश
गुवाहाटी, 10 जुलाई (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शुक्रवार को लोक भवन में 2026 बैच के 44 असम सिविल सेवा (एसीएस) प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों से सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के सर्वोच्च मानकों का पालन करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें असम सिविल सेवा में चयन पर बधाई दी और कहा कि यह केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवक संविधान के आदर्शों को धरातल पर उतारने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए विकास का लाभ समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीबों, वंचितों और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनसेवा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर है। अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय संवेदनाओं के साथ करना चाहिए। राज्यपाल ने प्रशिक्षुओं को नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने तथा आजीवन सीखते रहने की भी सलाह दी।
राज्यपाल ने वरिष्ठ सिविल सेवक एसआर शंकरण जैसे अधिकारियों का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षुओं से उनके सत्यनिष्ठा, साहस और लोककल्याण के मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि असम तेज़ी से विकास के पथ पर अग्रसर है और युवा अधिकारियों के पास राज्य तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने सभी अधिकारियों से संविधान, कानून के शासन और अपनी अंतरात्मा के अनुरूप निर्णय लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के आयुक्त एवं सचिव एसएस मीनाक्षी सुंदरम, एएएससी की संयुक्त निदेशक डिंपल बरुवा, संयुक्त निदेशक संगीता देवी सहित लोक भवन और एएएससी के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

