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असम के राज्यपाल ने शरत महंत स्मारक व्याख्यान का किया उद्घाटन

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असम के राज्यपाल ने शरत महंत स्मारक व्याख्यान का किया उद्घाटन


गुवाहाटी, 01 मई (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शुक्रवार को यहां रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में शरत महंत फाउंडेशन द्वारा आयोजित शरत महंत स्मारक व्याख्यान का उद्घाटन किया।

राज्यपाल ने स्वर्गीय प्रो. शरत महंत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक प्रख्यात शिक्षाविद् और सामाजिक चिंतक बताया, जिनका जीवन और कार्य आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रो. महंत का अकादमिक जगत से लंबा जुड़ाव रहा और उन्होंने युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही, असम मानवाधिकार आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा में भी अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की प्रक्रिया है। राज्यपाल ने कहा कि प्रो. महंत के प्रगतिशील और लोकतांत्रिक विचार आज के समाज में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।

असम की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने श्रीमंत शंकरदेव और माधवदेव जैसे महान संतों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों की शिक्षाओं ने राज्य के बौद्धिक और सांस्कृतिक परिवेश को आकार दिया है।

“इंडियाएट100” विषय का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए देश के सामूहिक संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने समावेशी विकास, समान अवसर और युवाओं के सशक्तिकरण को इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक बताया।

उन्होंने “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और ऊर्जावान युवाओं के कारण असम इस परिवर्तनकारी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

युवाओं को तकनीक और नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती तकनीकें भविष्य के विकास की प्रमुख चालक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि असम के युवा भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की भी सराहना की।

उल्लेखनीय है कि ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, हरियाणा के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी राजकुमार ने “इंडिया@100: शिक्षा, न्याय और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य निर्माण” विषय पर स्मारक व्याख्यान दिया। इस अवसर पर हवाई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस माइकल डी. विल्सन ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में असम के मुख्य सचिव रवि कोटा, डीजीपी हरमीत सिंह, महाधिवक्ता देबजीत लोन सैकिया, रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एके पंसारी, स्वर्गीय शरत महंत की पत्नी मीना महंत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश