शिक्षक दिवस पर असम के राज्यपाल ने वरिष्ठतम् सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक को किया सम्मानित
गुवाहाटी, 05 सितंबर (हि.स.)। शिक्षक दिवस के अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शनिवार को राज्य के वरिष्ठतम सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक 95 वर्षीय प्रफुल्ल कुमार बरठाकुर को जामुगुड़ीहाट स्थित उनके आवास पर सम्मानित किया।
यह सम्मान ‘गवर्नर असम वरिष्ठ शिक्षक सम्मान’ पहल के तहत प्रदान किया गया। इस पहल के अंतर्गत राज्यपाल ने सभी जिला आयुक्तों को अपने-अपने जिलों के सबसे उम्रदराज सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक को शिक्षक दिवस पर सम्मानित करने का निर्देश दिया था।
इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य ने कहा कि शिक्षक पीढ़ियों के निर्माण और राष्ट्र के बौद्धिक एवं सामाजिक विकास में अमूल्य योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना भारत की समृद्ध परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है।
प्रफुल्ल कुमार बरठाकुर की लंबी शिक्षण यात्रा का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने कई पीढ़ियों को बदलते हुए देखा है और अपने विद्यार्थियों को दिए गए ज्ञान, मूल्यों और आत्मविश्वास के माध्यम से उनके जीवन पर स्थायी प्रभाव छोड़ा है। उन्होंने कहा कि यही एक शिक्षक की सबसे बड़ी विरासत है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षकों से ज्ञानवान, जिम्मेदार, संवेदनशील और सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक तैयार करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बरठाकुर को प्रशस्ति-पत्र, फूलाम गमछा, शॉल, सोराई, जापी, फलों की टोकरी, छाता और 51,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया।
राज्यभर में जिला और प्रारंभिक शिक्षा ब्लॉक स्तर पर भी इसी तरह के सम्मान समारोह आयोजित किए गए। जिला स्तर पर 35 वरिष्ठतम सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों को उनके घर जाकर सम्मानित किया गया, जबकि प्रारंभिक शिक्षा ब्लॉक स्तर पर 113 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस प्रकार राज्य में कुल 148 वरिष्ठतम् सेवानिवृत्त प्राथमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा शिक्षकों को सम्मानित किया गया। विभिन्न जिलों में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने शिक्षकों के घर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया और शिक्षण समुदाय के प्रति राज्य के सम्मान एवं प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

