गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में राज्यपाल आचार्य ने उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के साथ लिया हिस्सा
गुवाहाटी, 06 सितंबर (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने आज भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की उपस्थिति में गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया। कार्यक्रम गुवाहाटी स्थित श्रीमंत शंकरदेव अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित किया गया।
कॉलेज के 50 वर्ष पूरे होने पर राज्यपाल ने बधाई देते हुए कहा कि गीतानगर कॉलेज ने उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार और युवाओं की नई पीढ़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कॉलेज के इतिहास का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1977 में इसकी स्थापना महिला महाविद्यालय के रूप में हुई थी, जब महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर सीमित थे। उन्होंने संस्थापक प्राचार्य पद्मश्री इंदिरा मिरी और संस्थापक सचिव सुचित्रा राय चौधरी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में कॉलेज का सह-शिक्षा संस्थान में परिवर्तित होना समावेशी और सुलभ उच्च शिक्षा के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कॉलेज के आदर्श वाक्य “तमसो मा ज्योतिर्गमय” का उल्लेख करते हुए आचार्य ने कहा कि पांच दशकों में संस्थान ने विद्यार्थियों को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान, आत्मविश्वास, मूल्यों और उपलब्धियों के प्रकाश की ओर मार्गदर्शन किया है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उन्हें बड़े सपने देखने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से तकनीक और नवाचार को अपनाने के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े रहने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने असम की जैव विविधता, कृषि, पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार के रूप में असम की महत्वपूर्ण भूमिका है और वह दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में भी योगदान दे सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान आधारित, कौशल-केंद्रित और नवाचार संचालित भारत के निर्माण के दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 इस परिवर्तन के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है, जिसमें रचनात्मकता, अनुसंधान, कौशल विकास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण पर जोर दिया गया है।
आचार्य ने विश्वास व्यक्त किया कि गीतानगर कॉलेज भविष्य में भी ज्ञान और मूल्यों के प्रकाशस्तंभ के रूप में कार्य करते हुए असम और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. रणोज पेगू, मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव नारायण कुंवर, गीतानगर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत कलिता सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

