असम सरकार चाय बागान मज़दूरों को जमीन का पट्टा देगी और घर बनाएगी
गुवाहाटी, 14 जुलाई (हि.स.)। असम सरकार ने 3.5 लाख चाय बागान मजदूरों को जमीन का पट्टा देने और चाय बागान समुदाय के सदस्यों के लिए सरकारी फ़ंड से घर बनाने का फ़ैसला किया है। इसकी घोषणा असम विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन 14 जुलाई को पंचायत और ग्रामीण विकास, आबकारी, असम समझौते के कार्यान्वयन और सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने की।
विधानसभा को संबोधित करते हुए बोरा ने कहा कि इस फ़ैसले का मकसद चाय बागान मज़दूरों को ज़मीन का कानूनी मालिकाना हक और बेहतर आवास सुविधाएं देकर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाय बागान मज़दूरों के लिए ज़मीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें से कई पीढ़ियों से चाय बागानों में बिना किसी औपचारिक मालिकाना हक के रह रहे हैं। ज़मीन का पट्टा देने के अलावा, मंत्री ने कहा कि सरकार चाय बागान परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें ज़्यादा सामाजिक सुरक्षा देने के लिए घर भी बनाएगी।
यह घोषणा राज्य सरकार की उन व्यापक कोशिशों का हिस्सा है जिनका मकसद असम के चाय बागान समुदाय के कल्याण को मज़बूत करना है। यह समुदाय राज्य की कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा है और राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

