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ई-ऑटो रिक्शा डीलर पर धोखाधाड़ी का आरोप

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जोरहाट (असम), 03 सितंबर (हि.स.)। गोलाघाट के एक ई-ऑटो रिक्शा डीलर पर धोखाधाड़ी का आरोप लगा है। आरोप है कि गोलाघाट के बजाज कंपनी के इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा के डीलर अक्षय करनानी ने टियोक में सब डीलर बनाने के नाम पर 6 लाख रूपए लिए। पीड़ित महिला व्यापारी ने आरोप लगाया कि टियोक में किराये की दुकान में बैंक से कर्ज लेकर सब डीलर के शो रूम की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली। लेकिन कई महीनें बीत जाने के बाद भी करनानी ने कोई कार्रवाई नहीं की।

महिला ने बताया है कि खानापूर्ति के नाम पर कुछ दिन के लिए डेमो के नाम पर एक ऑटो रिक्शा भेज दिया। कुछ दिन बाद उसे भी लेकर चले गए। फोन का भी जवाब नही देते। ट्रेड लाइसेंस, एनओसी व शो रूम बनाने में लाखों रुपए खर्च हो गए। इस संबंध में जिला आयुक्त, परिवहन अधिकारी तथा पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़िता ने बताया कि गत मई महीनें में उनके पति को करनानी ने गोलाघाट बुलाया। जहां सब डीलर का एग्रीमेंट हुआ। करनानी के खिलाफ टियोक के बामुनपुखुरी पुलिस चौकी में मामला दर्ज कराया गया है।

दूसरी तरफ जोरहाट के केंदुगुड़ी में भी परिवहन विभाग की अनुमति के बगैर इस तरह के ऑटो बेचे जा रहे हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे कई ऑटो रिक्शा को जब्त किया है। जिला परिवहन अधिकारी धनंजय सैकिया ने बताया कि आरटीए की बैठक में शहर में ई-रिक्शा व ऑटो रिक्शा के परमिट जारी न करने का फैसला किया था। केंद्र सरकार द्वारा देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को बढ़ावा देने के फैसले का परिवहन प्राधिकरण ने भी ई-रिक्शा संचालन की अनुमति देने के लिए एक उप कमिटी का भी गठन किया है। लेकिन प्राधिकरण के निर्णय को औपचारिक रूप से लागू होने से पहले ही गोलाघाट के अक्षय करनानी की मालिकाधीन असम ऑटो कार्ट ने मुनाफा कमाने के मकसद से सैकड़ों इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा की बिक्री की। गैर कानूनी तरीके से बेचे गए ऑटो रिक्शा को परिवहन विभाग ने जब्त भी किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Satish Rai