मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने प्रसिद्ध कवि पार्वतीप्रसाद बरुवा को किया याद
गुवाहाटी, 07 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने प्रसिद्ध कवि तथा गीतकार एवं नाटककार पार्वतीप्रसाद बरुवा को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक संदेश शेयर करते हुए कहा है कि असम के प्रसिद्ध कवि तथा गीतकार एवं नाटककार पार्वतीप्रसाद बरुवा को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धा के साथ याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि गीतकार के रूप में प्रसिद्ध बरुवा ने गीति-साहित्य के अलावा असमिया फिल्मों के निर्माण में भी असम के सिनेमा उद्योग को नई दिशा दिखाई है। उनकी रचनाएं हर असमिया की मानसिकता में हमेशा जीवित रहेंगी।
पार्वती प्रसाद बरुवा का जन्म 19 अगस्त, 1904 शिवसागर जिले में हुआ था। उनका निधन 07 जून, 1964 में हुआ। असम के एक साहित्यकार, गीतकार, कवि, फिल्म निर्माता और नाटककार थे। उन्हें गीतकार के रूप में जाना जाता था। उन्होंने 1940 में रूपही बनाई। रूपही असम की चौथी फिल्म थी। सिर्फ फिल्म बनाना ही नहीं, उन्होंने उसमें अभिनय भी किया। छात्रावस्था में ही उन्होंने 'टुपितरा' नाम से एक हस्तलिखित पत्रिका निकाली थी। 'टुपितरा' बंद होने पर छोटे भाई मोक्षदा प्रसाद के संपादन में 'घर-जौति' लिखकर प्रकाशित की। पार्वती प्रसाद बरुवा ने 1961 में गुवाहाटी में असम साहित्य सभा के संगीत सम्मेलन के अध्यक्ष का पद संभाला था।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

