असम में विकास का लाभ कुछ खास लोगों तक सीमित: गौरव गोगोई
गुवाहाटी, 08 मार्च (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य में हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली सरकार में विकास का लाभ केवल कुछ खास लोगों को ही मिला है। गोगोई ने यह आरोप एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए लगाया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि राज्य में सिर्फ एक विशेष परिवार ही तरक्की कर पाया है और उस परिवार ने पूरे असम में करीब 12 हजार बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के लोग अपनी बात खुलकर कहने से डरते हैं।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गांवों में शराब की दुकानों की संख्या बढ़ रही है, जबकि दूसरी ओर सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है और मुख्यमंत्री को पद से हटाना चाहती है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय की गरिमा को कम किया है।
गोगोई ने दावा किया कि कांग्रेस के ‘समोय पोरिबोर्तोनोर’ (बदलाव का समय) अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। हालांकि अभी विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने संभावना जताई कि बोहाग बिहू से पहले चुनाव हो सकते हैं।
गौरव गोगोई ने बताया कि उन्हें जोरहाट विधानसभा सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया गया है और अप्रैल में संभावित विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उन्होंने ऊपरी असम में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद वे पहली बार शनिवार को जोरहाट पहुंचे।
उन्होंने कहा कि पार्टी के पास लगभग 30 दिन का समय है, जो बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से हर दिन घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने और कांग्रेस की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया है।
विपक्षी गठबंधन को लेकर गौरव गोगोई ने उम्मीद जताई कि विभिन्न दल मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि तीन पार्टियों के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया जा चुका है। आने वाले दिनों में सभी दल संयुक्त रूप से प्रचार अभियान चलाएंगे तथा पूरे असम में एक साथ जनसभाएं करेंगे।
राइजर दल के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी उम्मीद खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वह निराश नहीं हैं और उन्हें विश्वास है कि गठबंधन हो सकता है, भले ही इसमें थोड़ा समय लगे।----------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

