मानस और पबितरा में एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, वन पर्यटन को मिली नई उड़ान : सीएम
गुवाहाटी, 30 मई (हि.स.)। असम में वन्यजीव पर्यटन को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि राज्य के प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों मानस राष्ट्रीय उद्यान और पबितरा वन्यजीव अभयारण्य में एक लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो राज्य के पर्यटन और संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि बेहतर पर्यटन सुविधाओं, मजबूत संपर्क व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल असम पर्यटन को नई पहचान मिली है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं, पर्यटक गाइडों, वाहन चालकों, होमस्टे संचालकों और छोटे व्यवसायियों को नए अवसर प्राप्त हुए हैं। इससे स्थानीय समुदायों की आय बढ़ी है और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीप सफारी से लेकर इको-रिसॉर्ट्स तक, असम की वन्यजीव आधारित अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है। राज्य सरकार की संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और सतत प्रयासों के कारण बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक मानस राष्ट्रीय उद्यान और पबितरा वन्यजीव अभयारण्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव पर्यटन का बढ़ता दायरा स्थानीय उद्यमों और आजीविकाओं को मजबूत करने के साथ-साथ असम की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि पर्यटन और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर असम को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। ------------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

