असमः बाढ़ प्रभावितों के लिए मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं
-ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री लेंगे जायजा
गुवाहाटी, 02 अगस्त (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बीती रात घोषणा की कि बाढ़ से प्रभावित शिवसागर और चराईदेव जिलों में घरेलू बिजली उपभोक्ता, जिन्होंने जुलाई में 300 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल किया है, उन्हें अपना बिजली बिल नहीं देना होगा; राज्य सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष से इसका खर्च उठाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा आज ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने जाएंगे एवं चलाए जा रहे राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर आज एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया है कि वे 2 से 5 अगस्त तक ऊपरी असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद रहेंगे। साथ ही डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
फेसबुक लाइव सेशन में बोलते हुए, डॉ. सरमा ने कहा कि इस राहत उपाय का मकसद हाल की बाढ़ से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक बोझ को कम करना है। उन्होंने कहा कि 300 यूनिट तक इस्तेमाल करने वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अकाउंट सरकार रिचार्ज करेगी, जबकि इसी खपत सीमा के अंदर आने वाले पोस्ट-पेड उपभोक्ताओं के जुलाई के बिल मुख्यमंत्री राहत कोष से भरे जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं ने 300 यूनिट से ज़्यादा बिजली इस्तेमाल की है, उन्हें लागू नियमों के अनुसार अपना बिजली बिल देना होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 3 अगस्त से बाढ़ से प्रभावित योग्य परिवारों के बैंक अकाउंट में 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। शिवसागर में लगभग 55 हजार, चराईदेव में 20 हजार, जोरहाट में 7 हजार और गोलाघाट में 3 हजार लाभार्थियों को यह आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
छात्रों की स्कूल वापसी में मदद करने के उपायों के तहत, सरकार शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट में कक्षा 1 से 8 तक के बाढ़ प्रभावित छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म के दो सेट और मुफ़्त नोटबुक देगी। राज्य ने स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 7.62 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं।
डॉ. सरमा ने घोषणा की कि शिवसागर और चराईदेव के निवासियों के लिए मौजूदा फाइनेंशियल ईयर का ज़मीन का लगान (माटी खजाना) माफ़ कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो परिवार अभी भी विस्थापित हैं और घर नहीं लौट पा रहे हैं, उन्हें 10 अगस्त से 10 हजार रुपये अतरिक्त मिलेंगे।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल 10 अगस्त से फिर खुलने वाले हैं। सरकार 5 और 6 अगस्त के बीच क्षतिग्रस्त संस्थानों की मरम्मत के लिए ग्रांट भी जारी करेगी, जिसमें नुकसान के आधार पर नामघरों के लिए 1.5 लाख रुपये और आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और राज्य की अधिकांश सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हालात सामान्य होने तक सरकार पुनर्वास के प्रयास जारी रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

