असम बाढ़ : भाजपा ने विपक्ष पर साधा निशाना, दिलीप शर्मा बोले- राजनीति बाद में, राहत और पुनर्वास अभी प्राथमिकता
गुवाहाटी, 08 अगस्त (हि.स.)। “इस अभूतपूर्व संकट और पीड़ा की घड़ी में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास प्रदान करना होनी चाहिए। राजनीति प्रतीक्षा कर सकती है; राजनीति करने के लिए पर्याप्त समय बाद में भी मिलेगा।” यह बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), असम प्रदेश के मीडिया पैनलिस्ट दिलीप कुमार शर्मा ने शनिवार को गुवाहाटी के वशिष्ठ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
शर्मा ने कहा कि ऊपरी असम के चार जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद सरकार प्रभावित लोगों के बचाव, राहत और पुनर्वास कार्य में तत्परता, दक्षता और संवेदनशीलता के साथ जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और उन्हें जल्द से जल्द अपने घर लौटने में सहायता देने के लिए वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि अब बाढ़ से हुई स्थायी क्षति का व्यापक आकलन शुरू किया गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता जल्द उपलब्ध कराई जा सके और वे अपने घरों तथा जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकें। शर्मा के अनुसार, सरकार ने बैंक ऋण की अदायगी पर छह महीने की मोहलत देने, बीमा कंपनियों को बीमा दावों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश देने तथा क्षतिग्रस्त विद्यालयों और नामघरों की तत्काल मरम्मत के लिए धनराशि आवंटित करने समेत कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राहत, पुनर्स्थापन और पुनर्वास से जुड़े अन्य आवश्यक कार्य भी लगातार जारी हैं।
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने पिछले कुछ दिनों में कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, पीड़ित नागरिकों से सीधे संवाद किया और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को सम्मान और स्वाभिमान के साथ सामान्य जीवन में वापस लाने तथा राज्य में स्थिति सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है।
हालांकि, शर्मा ने आरोप लगाया कि जब सरकार प्रभावित लोगों के लिए लगातार राहत और पुनर्वास कार्य कर रही है, तब कुछ विपक्षी दल और राजनीतिक दृश्यता हासिल करने की कोशिश कर रहे लोग इस त्रासदी का अवसरवादी इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित करने तथा राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे समय में सरकार की “अंधाधुंध आलोचना” को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जब सामूहिक ध्यान जीवन बचाने, राहत पहुंचाने और सामान्य स्थिति बहाल करने पर केंद्रित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मानवीय पीड़ा को राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। शर्मा ने कहा, “इस आपदा से प्रभावित लोगों को सहायता की आवश्यकता है, राजनीतिक टकराव की नहीं।” उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय संवेदना और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ काम करने की मांग करता है।
शर्मा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भाजपा और असम सरकार दलीय राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावित जनता के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हैं कि प्रत्येक पात्र प्रभावित व्यक्ति को उचित राहत और सहायता मिले। वहीं, प्रशासन भी दिन-रात राहत, पुनर्स्थापन और पुनर्वास कार्यों में जुटा हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

