बाढ़ के बीच बिजली के खंभों पर चढ़कर विद्युत आर्पित के काम में जुटे एपीडीसीएल के कर्मचारी
- घर में पानी, नीचे पानी के बीच अपने कर्तव्यों में तत्पर कर्मचारियों को लोग बता रहे रियल हीरो
जोरहाट (असम), 26 जुलाई (हि.स.)। ऊपरी असम के कई जिले अब भी भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। विशेष रूप से जोरहाट, शिवसागर और चराईदेव जिलों में बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़क संपर्क टूटने, विद्युत व्यवस्था ध्वस्त होने और कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शहरों से लेकर गांवों तक बड़ी संख्या में क्षेत्र अब भी पानी में डूबे हुए हैं और हजारों परिवार एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे हैं।
बाढ़ के तेज बहाव से कई स्थानों पर बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, विद्युत तार टूट गए हैं और अनेक ट्रांसफॉर्मर अब भी पानी में डूबे हुए हैं। इसके चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति पूरी तरह या आंशिक रूप से बाधित है। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल, संचार, घरेलू कार्यों और अन्य दैनिक जरूरतों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन कठिन परिस्थितियों के बीच असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एपीडीसीएल) के कर्मचारी लगातार राहत और बहाली कार्य में जुटे हुए हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इनमें से कई कर्मचारियों के अपने घर भी बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपने परिवारों की चिंता छोड़ लोगों तक बिजली पहुंचाने के लिए दिन-रात मैदान में काम कर रहे हैं।
एक एपीडीसीएल कर्मचारी ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कई इलाकों में बिजली नहीं होने के कारण लोग काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, लोग लगातार फोन कर रहे हैं। कई बार नाराजगी भी जताते हैं और गुस्से में अपशब्द तक कह देते हैं। इससे दुख जरूर होता है, लेकिन हम उनकी परेशानी भी समझते हैं। हमारा प्रयास है कि जितने क्षेत्रों में संभव हो, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से बिजली आपूर्ति शुरू की जाए।
कर्मचारी ने बताया कि जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, विभाग तेजी से क्षतिग्रस्त बिजली नेटवर्क की मरम्मत कर रहा है। कर्मचारियों की टीमें लगातार विभिन्न इलाकों में पहुंचकर लाइनें दुरुस्त करने और आपूर्ति बहाल करने में लगी हैं। उन्होंने लोगों से थोड़ा धैर्य रखने और विभाग का सहयोग करने की अपील करते हुए विश्वास दिलाया कि बहुत जल्द अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
एपीडीसीएल के एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि जांजी नदी में आई बाढ़ से 33 केवी की मुख्य विद्युत लाइन को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर लाइनें पानी में डूबी होने के कारण मरम्मत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद विभाग न्यूनतम स्तर पर बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम कर रहा है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में अपने व्यक्तिगत नुकसान की परवाह किए बिना लगातार सेवा दे रहे एपीडीसीएल कर्मियों की स्थानीय लोग खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली व्यवस्था बहाल करने में जुटे ये कर्मचारी ही वास्तविक अर्थों में रियल हीरो हैं, जिनकी बदौलत सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाने का प्रयास लगातार जारी है।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

