असमः बाढ़ से 91 गांवों के 19210 नागरिक अभी भी प्रभावित
गुवाहाटी, 25 अगस्त (हि.स.)। असम के कई हिस्सों में पानी घटने के साथ हालात सुधर रहे हैं, लेकिन शिवसागर, कछार, गोलाघाट, जोरहाट और नगांव जिलों में बाढ़ का संकट और इसका असर अब भी बना हुआ है। इन जिलों बाढ़ से 91 गांवों के 19210 नागरिक अभी भी प्रभावित हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रहीं है। इस बार की बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 106 तक पहुंच गयी है। वर्तमान समय में बाढ़ की स्थिति कुल 5 जिलों में बनी हुई है। प्रभावित जिलों में शिवसागर, कछार, गोलाघाट, जोरहाट और नगांव शामिल हैं। बाढ़ से 5 जिलों के 10 राजस्व मंडलों के कुल 91 गांव प्रभावित हैं। वर्तमान समय में राज्य की कुल 19210 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 3109.39 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अभी भी कुल 5 राहत शिविर एवं 11 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 16 शिविर क्रियान्वित रखे हैं। राहत शिविरों में 159 लोग आश्रय लिए हुए हैं, जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 12,505 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं। सोमवार को बाढ़ से प्रभावित जानवरों की कुल संख्या 17,648 दर्ज हुई है।
24 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार बाढ़ के पानी में शिवसागर जिले में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों की कुल संख्या 175 एवं शिवसागर जिले में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पक्के मकानों की कुल संख्या 20 बतायी गयी है। शिवसागर जिले में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों की संख्या 298 दर्ज हुई है। शिवसागर जिले में क्षतिग्रस्त पक्के मकानों की कुल संख्या 194 है। क्षतिग्रस्त अन्य झोपड़ियों की कुल संख्या शिवसागर जिले में 25 है। वहीं, क्षतिग्रस्त अन्य मवेशी शेड की शिवसागर जिले में कुल संख्या 145 है।
बाढ़ प्रभावितों के बीच राज्य सरकार की ओर से चावल (क्विंटल में) 212.788 , दाल (क्विंटल में) 37.506, नमक (क्विंटल में) 11.2458, मस्टर्ड ऑयल/सरसों का तेल (लीटर में) 102.69 राहत सामग्री बांटी गई।
राज्य सरकार के द्वारा बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर हुए सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही प्रभावितों की मदद के लिए आर्थिक एवं अन्य सामग्री भी मुहैया कराई जा रही हैं। राज्य सरकार के अलग-अलग मंत्रालय एवं विभागों द्वारा लगातार समीक्षा बैठक कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

