असमः सरकार की बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रीफ़ैब्रिकेटेड घर बनाने की मंशा
गुवाहाटी, 31 जुलाई (हि.स.)। उपरी असम के मुख्य रूप से चार जिलों में विनाशकारी बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस कड़ी में राज्य के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा ने आज सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उपरी असम में संकट के समय मदद करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया है।
मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया लिंकेड इन पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि असम में बाढ़ से प्रभावित कुछ परिवार अभी भी पानी जमा होने के कारण अपने घरों को नहीं लौट पा रहे हैं। भले ही पानी अब ज़्यादा गहरा नहीं है, लेकिन उनके घर अगले दो-तीन महीनों तक रहने लायक नहीं रहेंगे।
उन्होंने कहा है कि हम ऐसे पार्टनर की तलाश में हैं जो हमें तेज़ी से प्रीफ़ैब्रिकेटेड घर बनाने में मदद कर सकें, जो असम की ज़्यादा बारिश और ज़्यादा नमी वाले मौसम के हिसाब से सही हों। हम कुछ घरों के साथ एक छोटा पायलट प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, ताकि यह देख सकें कि वे इन हालात में कैसे काम करते हैं, और फिर हम इस मामले में आगे बढ़ेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा है कि अगर किसी या कोई संस्था को ऐसे समाधानों को डिज़ाइन करने, बनाने या लगाने का अनुभव है और आप तेज़ी से काम करने में हमारी मदद कर सकते हैं, तो कृपया मुझे सीधे सूचित (डीएम) करें। हमें किसी भी तरह की जानकारी, रेफरल या मदद के लिए बहुत खुशी होगी। वर्तमान समय बहुत कीमती है।
उल्लेखनीय है कि, उपरी असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट में बाढ़ से घरों और सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जिन इलाकों से पानी उतर गया है वहां अब कीचड़ के चलते रहना दूभर हो रहा है। रास्तों, घरों के अंदर घुटनों तक कीचड़ जमा हो गया, कुछ इलाकों के गांवों में घर भी पूरी तरह से नष्ट हो गये हैं। ऐसे में लोगों का अपने घरों में लौटना काफी चुनौतीपूर्ण है। सरकार इस समस्या को देखते हुए त्वरित आवास मुहैया कराने के लिए हर संभव उपाय एवं संसाधनों की तलाश में जुटी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

