आशियान के लिए प्रवेशद्वार के रूप में उभर रहा असम, वैश्विक उद्योगों से निवेश का आह्वान
गुवाहाटी, 18 सितंबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को वैश्विक कारोबारी समुदाय से राज्य में निवेश की संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ता बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियां असम को निवेश के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य बना रही हैं।
नई दिल्ली में आईसीसी ग्लोबल बिजनेस समिट के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि भारत के विकास का अगला चरण पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों से उभरने की व्यापक संभावनाएं रखता है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के संगम पर स्थित असम की भूटान और बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हैं, जिससे वह आसियान क्षेत्र के लिए प्राकृतिक प्रवेशद्वार बनता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे ने असम की भौगोलिक स्थिति को रणनीतिक लाभ में बदल दिया है। उन्होंने राजमार्ग, रेलवे, अंतर्देशीय जलमार्ग, विमानन और लॉजिस्टिक्स को जोड़ने वाले बहु-माध्यम परिवहन नेटवर्क का उल्लेख किया। इसमें जोगीघोपा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा पांडु और धुबरी टर्मिनलों का विस्तार शामिल है।
डॉ. सरमा ने कहा कि 2025-26 में असम का नाममात्र सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 7.45 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि वास्तविक वृद्धि 10% से अधिक रही। 2026-27 में जीएसडीपी 8.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 2025-26 में मौजूदा कीमतों पर औद्योगिक क्षेत्र का राज्य के जीएसडीपी में योगदान 35.64% रहने का अनुमान है।
एडवांटेज असम 2.0 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को ₹5.18 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश एक वर्ष के भीतर जमीन पर परियोजनाओं में परिवर्तित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मई 2021 से अब तक असम में 3,700 से अधिक नई फैक्ट्रियां पंजीकृत हुई हैं, जिनमें लगभग 1.11 लाख श्रमिक कार्यरत हैं।
डॉ. सरमा ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की 27,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट सुविधा को भी प्रमुख अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के दिसंबर में शुरू होने की उम्मीद है और इसकी क्षमता प्रतिदिन 4.8 करोड़ चिप तक उत्पादन की होगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 27,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम 2030 तक 6,000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन और बांस आधारित दूसरी पीढ़ी के एथेनॉल के क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कृषि, चाय, पेट्रोकेमिकल और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। डॉ. सरमा ने कहा कि लगभग 22 वर्ष की औसत आयु वाली असम की युवा आबादी राज्य की बड़ी मानव संसाधन क्षमता है। उन्होंने आईआईटी गुवाहाटी, एनआईटी सिलचर और असम स्किल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को असम आने और राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों का आकलन करने का न्योता देते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के साथ रोजगार, नवाचार और औद्योगिक विकास के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
उन्होंने कहा, “भारत के दक्षिण एशिया के साथ संबंध और गहरे होने के साथ असम पूर्व के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेशद्वार के रूप में योगदान देने के लिए तैयार है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि असम पूर्वोत्तर को भारत के अन्य हिस्सों से और भारत को व्यापक आसियान क्षेत्र से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

