कांग्रेस से बहिष्कार एवं राइजर दल से दुतकार के बाद शेरमान अली को तृणमूल का सहारा
बरपेटा (असम), 22 मार्च (हि.स.)। तीन बार के विधायक शेरमान अली अहमद की स्थिति इस बार के चुनाव में काफी दिलचस्प बन चुकी है। अपने राजनीतिक जीवन के सफर में चौथी पार्टी यानी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से इस बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं। विधानसभा में काफी मुखर वक्ता के रूप में पहचान बनाने वाले शेरमान इस बार हाल ही में क्षेत्रीय पार्टी राइजर दल से चुनाव लड़ने का मन बनाया था। पार्टी ने उनको टिकट भी दे दिया था। इसी बीच राइजर दल का कांग्रेस के साथ गठबंधन होते ही उनका टिकट काट दिया गया।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने गठबंधन के समय कहा था कि शेरमान अली अहमद का टिकट राइजर दल को वापस लेना होगा। टिकट कटते ही शेरमान ने तुरंत तृणमूल कांग्रेस से संपर्क किया, जिसके बाद उन्हें टिकट मिल गया।
उल्लेखनीय है कि, शेरमान अली पहली बार ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के टिकट पर वर्ष 2011 में चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे थे। वहीं 2016 और 2021 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर बाघबर विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया। इस तरह एआईयूडीएफ, कांग्रेस के बाद हाल ही में राइजर दल में शामिल हुए थे, लेकिन ऐन मौके पर वहां से भी उन्हें दुतकार मिली। जिसके बाद अंततः उन्हें टीएमसी का सहारा मिल गया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की। इस लिस्ट के अनुसार, शेरमान अली अहमद को बरपेटा ज़िले की मंदिया सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। अन्य उम्मीदवारों में हाजो-सुआलकुची (एससी) से रोजी अहमद (फुनू दास), गुवाहाटी सेंट्रल से अभिजीत मजूमदार, चाबुआ-लाहोवाल से इनुस कुमार कंडोपन, मोरियानी से परेश बोरा, करीमगंज उत्तर से परिमल रंजन रॉय, और करीमगंज दक्षिण से अजीज अहमद खान (रानू खान) शामिल हैं।
पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में एक बदलाव की भी घोषणा की, जिसमें बताया गया कि चमरिया सीट से दुलु अहमद की उम्मीदवारी वापस ले ली गई है। टीएमसी ने सभी उम्मीदवारों को अपनी शुभकामनाएं दीं और आगामी चुनावों में लोगों की सेवा करने के प्रति उनके समर्पण पर भरोसा जताया।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

