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समाज के अंतिम पंक्ति के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना डीआईईटी की प्राथमिकता हो : रणोज पेगू

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समाज के अंतिम पंक्ति के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना डीआईईटी की प्राथमिकता हो : रणोज पेगू


गुवाहाटी, 10 सितंबर (हि.स.)। असम के शिक्षा मंत्री डॉ. रणोज पेगू ने राज्य के डीआईईटी संस्थानों से समाज के अंतिम पंक्ति के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।

पेगू ने गुरुवार को खानापाड़ा स्थित असम प्रशासनिक पदाधिकारी महाविद्यालय में राज्य के डीआईईटी संस्थानों के साथ आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक में हिस्सा लेते हुए यह बात कही।

बैठक में डीआईईटी संस्थानों द्वारा पिछले समय में उठाए गए विभिन्न कदमों की समीक्षा की गई तथा परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण, दक्षता-आधारित मूल्यांकन और मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान से जुड़े कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई।

शिक्षा मंत्री ने धीमी गति से सीखने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर और आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वह अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके।

पेगू ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ परिचित और दक्ष बनना होगा। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उचित इस्तेमाल से शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को केवल परीक्षाओं में अच्छे परिणाम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि पढ़ने-लिखने के माध्यम से बौद्धिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।

शिक्षा विभाग के सहयोग से आगे बढ़ाए जा रहे ‘बोधन एआई’ पहल का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यह एआई आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने के साथ शिक्षकों को स्थानीय एवं मातृभाषाओं में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तैयार करने और साझा करने में मदद करेगा।

उन्होंने प्रत्येक डीआईईटी में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना की भी जानकारी दी। पेगू के अनुसार, एआई, मशीन लर्निंग और एकीकृत आंकड़ों के इस्तेमाल से शिक्षा क्षेत्र में वास्तविक समय की निगरानी और आंकड़ा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सकेगा।

मंत्री ने राज्य के डीआईईटी संस्थानों द्वारा पहले प्रकाशित पुस्तकों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

उन्होंने डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से डीआईईटी संस्थानों के ज्ञान, शोध, शैक्षणिक सामग्री और नवाचार संबंधी कार्यों को अधिक से अधिक शिक्षकों और विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

बैठक में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की निदेशक डॉ. निरदा देवी के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों के डीआईईटी संस्थानों के अध्यक्ष और प्रवक्ताओं ने हिस्सा लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश