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असमः दुलुंग आरक्षित वन क्षेत्र में पहली बार दिखा दुर्लभ ब्लैक पैंथर

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असमः दुलुंग आरक्षित वन क्षेत्र में पहली बार दिखा दुर्लभ ब्लैक पैंथर


गुवाहाटी, 15 जून (हि.स.)। ब्लैक पैंथर स्थानीय भाषा में घोंग के नाम से जाना जाने वाला वन्य जीव बेहद दुर्लभ है। इसकी संख्या बहुत कम है। असम के कुछ वन क्षेत्रों में ब्लैक पैंथर की उपस्थिति देखने को मिलती है। इसी कड़ी में लखीमपुर विधानसभा अंतर्गत दुलुंग आरक्षित वन क्षेत्र में पहली बार ब्लैक पैंथर को देखा गया है। इसकी जानकारी असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दी है।

डॉ. सरमा ने ब्लैक पैंथर की तस्वीर एवं पोस्ट शेयर करते हुए आज कहा है कि जैवविविधता को लेकर एक बहुत ही अच्छी खबर से अवगत कराना चाहता हूं। लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र के दुलुंग आरक्षित वन क्षेत्र में पहली बार ब्लैक पैंथर (घोंग) की तस्वीर कैमरे के लेंस में कैद हुई है।

उन्होंने बताया है कि लखीमपुर वन संमंडल के अंतर्गत एक अनुसंधान दल द्वारा क्षेत्र में नियमित कैमरा ट्रैप कार्यक्रम किया गया। इनके प्रयास से कैमरे ने ब्लैक पैंथर की तस्वीर को कैद कर लिया।

दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति के इस जानवर का दुलुंग वनक्षेत्र में देखा जाना इस बात को साबित करता है कि पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित छोटे-छोटे संरक्षित वन क्षेत्र भी बड़े मांसाहारी वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्वाभाविक रूप से यह खबर वन्य जीव-जंतुओं के लिए हमारे पर्यावरण की अनुकूलता की तस्वीर को उजागर करती है।

यह असम के वन्यजीवों के लिए एक दुर्लभ और उल्लेखनीय दृश्य है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय