(राउंडअप) असम के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित इलाकाें का मुख्यमंत्री, मंत्री एवं विधायक कर रहे दौरा
गुवाहाटी, 22 जुलाई (हि.स.)। असम के 16 जिले वर्तमान समय में बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों उपरी असम के शिवसागर, चराईदेव एवं जोरहाट शामिल हैं। असम आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी 21 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार राज्य के 16 जिलों के 872 गांवों की 5,64,660 आबादी बाढ़ से प्रभावित है। वहीं, बाढ़ के पानी में 24210.35 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा बुधवार काे उपरी असम के जोरहाट, शिवसागर एवं चराईदेव जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर आश्रय शिविरों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर उनको सरकार की ओर से हर संभव सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को एक मुश्त 4 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार को यह भरोसा दिया कि सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है। क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण की सरकार पूरी व्यवस्था करेगी।
इसी कड़ी में बीते तीन दिनों से असम सरकार के मंत्री केशव महंत, पीयूष हजारिका, अजंता नेओग, बिमल बोरा, सुशांत बोरगोहाईं, विधायक मृणाल सैकिया, रूपज्योति कुर्मी, अखिल गोगोई समेत अन्य नेता बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर प्रभावितों की मदद के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि, बीते 21 जुलाई को शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट एवं गोलाघाट में बाढ़ से 21 लोगों की जान चली गयी। जबकि, बड़ी संख्या में पशुओं की भी जान गयी है। आज भी कुछ लोगों की मौत बाढ़ के पानी के चलते हुई है, लेकिन आधिकारिक तथ्य प्रकाश में नहीं आए हैं।
बाढ़ में राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कुल 71 राहत शिविर एवं 202 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 273 शिविर स्थापित किये हैं। जहां से प्रभावित लोगों को आश्रय एवं राहत सामग्रियों का वितरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बीते 29 अप्रैल से 21 जुलाई तक राज्य में आई बाढ़ का एक आंकड़ा शेयर किया है। आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित कुल 25 जिलों के 74 राजस्व सर्किल के 1700 गांव शामिल हैं। प्रभावित नागरिकों की संख्या 7,27,506 है। आश्रय शिवरों की संख्या 95 तथा आश्रय लेने वालों की संख्या 18,574 है। वहीं, राहत सामग्री वितरण केंद्रों की संख्या 469 तथा मृतकों की संख्या 31 है। जबकि, कृत्रिम बाढ़ में एक व्यक्ति की मौत तथा तीन व्यक्तियों के लापता होने का आंकड़ा साझा किया है। बाढ़ से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों की संख्या 401 तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की संख्या 1848 तथा बाढ़ के चलते मरने वाले मवेशियों की संख्या 185 बताया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

