जागुन में पुलिस कमांडो कैंप पर हुए हमले के बाद डीजीपी ने लिया जायजा
तिनसुकिया (असम), 23 मार्च (हि.स.)। असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरमीत सिंह ने सोमवार को तिनसुकिया जिले के जागुन के दस माइल स्थित असम पुलिस कमांडो कैंप का दौरा किया। यह दौरा उस हमले के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसे उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) ने अंजाम दिया था और जिसकी ज़िम्मेदारी उसने बाद में ले ली थी।
डीजीपी ने घटनास्थल का मुआयना किया, सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की और 22 मार्च की तड़के हुए उस हमले के बाद की स्थिति का जायजा लिया, जिसने ऊपरी असम में उग्रवादी गतिविधियों को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन किया और उम्मीद है कि वे इस घटना के जवाब में आगे के सुरक्षा उपायों की रूपरेखा तैयार करेंगे।
संगठन के अनुसार, यह हमला, जिसे ऑपरेशन बुजोनी कोडनेम दिया गया था, 22 मार्च को तड़के करीब 2 बजे उल्फा (आई) के हथियारबंद कैडरों द्वारा किया गया था। संगठन ने इस हमले को असम पुलिस को निशाना बनाने वाली एक सैन्य कार्रवाई बताया। एक विस्तृत बयान में, उल्फा (आई) ने आरोप लगाया कि 2021 के असम विधानसभा चुनावों के बाद उसने राज्य पुलिस बलों के खिलाफ हमले करने से परहेज़ किया था, जिसका आधार कुछ अनौपचारिक समझौते थे। हालांकि, उसने सुरक्षा बलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने इसके सदस्यों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चलाकर इन समझौतों का उल्लंघन किया है।
समूह ने आगे आरोप लगाया कि 2021 और 2023 के बीच उसके कई कैडर मारे गए या गिरफ्तार किए गए और दावा किया कि उसके समर्थकों को लगातार परेशान किया गया। उसने जुलाई 2025 में 'यूनिफाइड कमांड स्ट्रक्चर' के तहत कथित तौर पर किए गए एक ड्रोन और मिसाइल हमले का भी ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप उसके वरिष्ठ नेताओं और सदस्यों की मौत हुई।
इस ताजा हमले को एक चेतावनी बताते हुए, संगठन ने कहा कि इस हमले का मकसद यह संकेत देना था कि अगर उसके कैडरों और हमदर्दों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन जारी रहे, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। इस बीच, डीजीपी सिंह का तिनसुकिया ज़िला मुख्यालय का दौरा करने का कार्यक्रम है, जहां वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में वे सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और एक समन्वित जवाबी रणनीति तैयार करेंगे। ----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

