असम लोकभवन के सामने रात को एपीसीसी का प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
गुवाहाटी, 21 जुलाई (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने आज रात असम लोकभवन के सामने एक विशाल विरोधी कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री के आवास के सामने आयोजित विरोध कार्यक्रम के साथ एकता व्यक्त की और असम में भी इस विरोधी कार्यक्रम को अपनाया गया।
असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजिद अली चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक और पार्टी के नेताओं-समर्थकों ने लोकभवन घेराव कार्यक्रम आयोजित किया। कथित परीक्षा घोटाले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा, संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा और दिल्ली में विरोधी छात्र-छात्राओं के खिलाफ दर्ज की गई सभी एफआईआर को तुरंत वापस लेने की मांग के लिए यह विरोधी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में विधानसभा के विपक्षी दल के उप-नेता डॉ. जयप्रकाश दास, विधायक जाकिर हुसैन सिकदर, आफताबुद्दिन मोल्ला, अमीनुल हक लस्कर, जुबैर अनम, तंजिल हुसैन सहित लगभग सभी विधायक उपस्थित रहे। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में एपीसीसी के महासचिव (प्रशासनिक) बिपुल गोगोई, संगठनिक महासचिव रामन्ना बरुवा, मीडिया विभाग के प्रभारी वेदब्रत बोरा, सेवा दल के प्रभारी दीप बायन, महासचिव शांतनु बोरा, अरुण तिवारी, महानगर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष स्वपन दास, प्रवक्ता विदिशा नेओग, एनएसयूआई के अध्यक्ष कौशिक कश्यप सहित सैकड़ों नेता-कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
लोकभवन की ओर जाने के समय पुलिस ने बीच रास्ते में बैरिकेड लगाकर विरोधी कांग्रेस नेता-कर्मियों को रोकने की कोशिश की, जिससे एक गर्मा-गर्म स्थिति भी पैदा हो गई। पुलिस की सख्त रुकावट के बावजूद विधायक सड़क पर बैठ गए। भाजपा सरकार के खिलाफ धरना दिया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जोरदार विरोध दर्ज किया। हालांकि, बाद में पुलिस ने सभी विरोध करने वाले नेताओं को बस में बैठाकर वहां से लेकर चली गयी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

