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हिमंत सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट को कांग्रेस ने बताया 'परनिर्भर बजट'

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हिमंत सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट को कांग्रेस ने बताया 'परनिर्भर बजट'


- महंगाई, बेरोजगारी और बाढ़-कटाव जैसे मुद्दों की अनदेखी का आरोप

गुवाहाटी, 10 जुलाई (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने वित्त मंत्री जयंत मल्लबरुवा द्वारा विधानसभा में पेश वर्ष 2026-27 के बजट को परनिर्भर बजट करार देते हुए इसे जनता की अपेक्षाओं पर खरा न उतरने वाला बताया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी, बाढ़ और कटाव जैसी राज्य की ज्वलंत समस्याओं के समाधान का कोई ठोस उल्लेख नहीं है।

राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व राज्यसभा सांसद रिपुन बोरा ने कहा कि बजट का लगभग 70% हिस्सा केंद्र सरकार पर निर्भर है और राज्य सरकार की अपनी वित्तीय क्षमता इसमें बहुत सीमित दिखाई देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट विकास से अधिक लाभार्थी आधारित योजनाओं और चुनावी राजनीति पर केंद्रित है। उनके अनुसार, सरकार ने रोजगार, महंगाई नियंत्रण और चुनावी वादों को पूरा करने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया है।

रिपुन बोरा ने बजट को भाषाई अलंकरण से सजी एक रचना बताते हुए कहा कि आकर्षक नाम और शब्दावली से वास्तविक समस्याओं को नहीं छिपाया जा सकता। उन्होंने सरकार के दो लाख रोजगार देने के दावे पर भी सवाल उठाते हुए इसे अव्यावहारिक और भ्रामक बताया।

विधानसभा में विपक्ष के उपनेता डॉ. जयप्रकाश दास ने बजट को बाहर से रंगीन, भीतर से खोखला बताते हुए कहा कि स्थानीय भाषाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषाओं को बढ़ावा देने की बात तो की गई, लेकिन बोडो, कार्बी, मिसिंग जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण और प्रोत्साहन का उल्लेख नहीं है।

पूर्व मंत्री नीलमणि सेन डेका ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में असम की अर्थव्यवस्था पर बाहरी लोगों का वर्चस्व बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल योजनाओं के माध्यम से लाभार्थी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, जबकि आम जनता की आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। डेका ने इस बजट को असम के इतिहास का सबसे खराब बजट बताया।

संवाददाता सम्मेलन का संचालन पूर्व सांसद एवं प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के सलाहकार अब्दुल खालेक ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश