आत्मनिर्भर असम अभियान के तहत 82,219 युवाओं को 278 करोड़ की वित्तीय सहायता
गुवाहाटी, 17 सितंबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित महीने भर चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के अंतर्गत राज्य के 82,219 इच्छुक युवक-युवतियों को 278 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।
गुवाहाटी के ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में सहायता राशि डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की गई। इसमें मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान 1.0 के तहत 9,578 लाभार्थियों की दूसरी किस्त तथा अभियान 2.0 के तहत 72,641 लाभार्थियों को पहली किस्त के दूसरे घटक की राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री ने असम के युवाओं से रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और कड़ी मेहनत के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने तथा आत्मनिर्भर असम के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लाभार्थी वित्तीय सहायता का उचित और उत्पादक उपयोग कर स्थायी आजीविका स्थापित कर पाते हैं या नहीं।
डॉ. सरमा ने कहा कि राज्य सरकार असम में उद्योग स्थापित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने युवाओं से राज्य में स्थापित हो रहे उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चे माल की आपूर्ति में भागीदार बनने का आग्रह किया। नलबाड़ी में हाल ही में शुरू हुए पेप्सिको संयंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संयंत्र को सालाना 70,000 मीट्रिक टन तक आलू की आवश्यकता होगी, जिसे पूरा करने के लिए करीब 5,000 किसानों की जरूरत पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में दूध, अंडे, चावल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त मांग होने के बावजूद इनका बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों से लाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रतिदिन करीब 20 लाख लीटर दूध की आवश्यकता है, जबकि उत्पादन लगभग दो लाख लीटर ही है। इसी तरह, प्रतिदिन करीब 60 लाख अंडों की जरूरत के मुकाबले राज्य में लगभग छह लाख अंडों का ही उत्पादन होता है।
उन्होंने युवाओं से कृषि, बागवानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योगों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे युवा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ विभिन्न वस्तुओं के लिए दूसरे राज्यों पर असम की निर्भरता कम करने में भी योगदान दे सकेंगे।
‘आत्मनिर्भर भारत 2047’ के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि राज्य सरकार भी 2047 तक आत्मनिर्भर असम के निर्माण के उद्देश्य से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “हम केवल मुख्यमंत्री या मंत्री बनने के लिए सत्ता में नहीं आए हैं। हमारा लक्ष्य असम को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल करना है।”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चालू वर्ष में अभियान के तहत 50,000 और युवक-युवतियों को शामिल किया जाएगा तथा इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान के तहत कुल पांच लाख युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा कल्याण एवं सशक्तीकरण विभाग के औपचारिक रूप से कामकाज शुरू करने की भी घोषणा की। यह नया विभाग राज्य के युवाओं के कल्याण और सशक्तीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं पहलों को लागू करेगा। मुख्यमंत्री ने इस विभाग के गठन की घोषणा इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में की थी।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान की सहायता से सफलतापूर्वक अपना उद्यम स्थापित करने वाले कई उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
इस अवसर पर उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोरा, सांसद बिजुली कलिता मेधी और तेरश गोवाला, विधायक दिगंत कलिता, प्रद्युत बरदलै, दिप्लू रंजन शर्मा, प्रकाश चंद्र दास, विजय गुप्ता और हिमांशु शेखर बैश्य, मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुवाहाटी स्थित ऐतिहासिक टोंगोरा सत्र का दौरा किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु होने की कामना की और राष्ट्र की सेवा में उनके निरंतर समर्पण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने सत्र परिसर में पौधरोपण भी किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

