मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को जयंती पर दी श्रद्धांजलि
गुवाहाटी, 02 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और असम के साथ उनके संबंधों तथा 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राज्य के लोगों की देशभक्ति को याद किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वर्ष 1965 में देश कठिन दौर से गुजर रहा था। भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व ने देशवासियों में साहस और आत्मविश्वास जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान जब शास्त्री असम आए थे, तब राज्य के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर निकलकर आए और राष्ट्रीय रक्षा कोष में उदारतापूर्वक योगदान दिया था। देश की सुरक्षा के लिए असम के लोगों द्वारा प्रदर्शित एकता, देशभक्ति और त्याग की भावना आज भी गर्व का विषय है।
डॉ. सरमा ने कहा कि शास्त्री का असम से संबंध केवल 1965 के युद्ध तक सीमित नहीं था। वर्ष 1961 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उन्होंने राज्य का दौरा कर यहां की भाषा संबंधी जटिल परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया था।
मुख्यमंत्री ने शास्त्री को सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए उनकी जयंती पर उन्हें नमन् किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

