मुख्यमंत्री ने प्रो. दिलीप कुमार बरुवा की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि
गुवाहाटी, 27 अप्रैल (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने प्रख्यात शिक्षाविद्, अर्थशास्त्री और क्विज़ संस्कृति के अग्रदूत प्रोफेसर दिलीप कुमार बरुवा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने सोशल मीडिया के जरिए एक पोस्ट शेयर करते हुए राज्य के सिपाझार में जन्मे प्रख्यात शिक्षाविद्, अर्थशास्त्री प्रोफेसर दिलीप कुमार बरुवा की पुण्यतिथि पर उन्हें गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि उन्होंने अपना पूरा जीवन असम में शिक्षा के विकास के लिए समर्पित किया। उन्होंने असम में क्वीज संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, सोच और समाज सेवा में उनका योगदान असम के जीवन में हमेशा ताजा रहेगा। उनके आदर्श और विचार हमेशा अगली पीढ़ी को ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
ज्ञात हो कि दिलीप कुमार बरुआ (जन्म 16 मार्च 1943, निधन 27 अप्रैल, 2017) असम के एक शिक्षक, लेखक और अर्थशास्त्री थे। वे एक तर्क शास्त्री और क्विज़ मास्टर के रूप में प्रसिद्ध थे। उन्हें असम में क्विज़ का जनक भी माना जाता है।
उनका जन्म दरंग जिले के सिपाझार में हुआ था। उन्होंने अपना बचपन अपने पिता की नौकरी के लिए शिलांग में बिताया और वहीं से मैट्रिक की परीक्षा पास की। उन्होंने सेंट एंथोनी कॉलेज, कॉटन कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। उन्होंने 1966 में कॉटन कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग में व्याख्याता के रूप में प्रवेश लिया। वे 2001 में हाफलोंग कॉलेज के प्राचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने विभिन्न संस्थानों में सक्रिय भूमिका निभाना जारी रखा।
दिलीप कुमार बरुवा ने 1967 में कॉटन कॉलेज में असम और उत्तर पूर्व भारत में पहली क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की 27 अप्रैल 2017 को रात करीब 11 बजे गुवाहाटी के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

