गोपीराम बरगायन बूढ़ाभकत के निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक
गुवाहाटी, 14 सितंबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को माजुली के उत्तर कमलाबाड़ी सत्र के प्रख्यात सत्रिया साधक एवं पद्मश्री से सम्मानित गोपीराम बरगायन बूढ़ाभकत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि माजुली की पवित्र भूमि पर सत्रिया संस्कृति की साधना में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले महान साधक के वैकुंठ गमन का समाचार उन्हें गहरे रूप से मर्माहत कर गया। उन्होंने कहा कि सत्रिया संस्कृति और बरगीत की साधना के माध्यम से गोपीराम बरगायन बुढ़ाभकत ने असम की राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकरदेव की परंपरा के इस महान साधक को पद्मश्री और साहित्य अकादमी सहित विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था। उनके निधन को उन्होंने असम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
सरमा ने शोक संतप्त परिवार, शिष्यों-प्रशिष्यों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने दिवंगत साधक के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ संपन्न करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिरशांति के लिए भगवान के श्रीचरणों में प्रार्थना की और महान साधक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

