जोरहाट में दो दिवसीय जिला आयुक्त सम्मेलन का समापन
जोरहाट (असम), 15 सितंबर (हि.स.)। जोरहाट में बीते दो दिनों से चल रहे जिला आयुक्त सम्मेलन के बाद आज इसे लेकर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सम्मेलन में उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की।
जोरहाट कन्वेन्शन सेंटर के मीडिया कक्ष में आज आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री केशव महंत, अतुल बोरा, जयंत मल्ल बरुवा तथा रामेश्वर तेली मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा की हर छह महीने में जिला आयुक्त सम्मेलन के बहाने राज्य के प्रशासनिक अमले से एक साथ मिलने का मौका मिलता है। दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। शिक्षा के क्षत्र में माध्यमिक स्तर पर ड्राप आउट छात्रों की संख्या बढ़ रही है। इस समस्या से निपटने को लेकर लम्बी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षत्र में टीबी मुक्त भारत, नए चिकित्सा महाविद्यलयों के साथ ही बजट में घोषित चार हजार सब सेंटर को चरणबद्ध रूप से अस्पताल के रूप मे परिवर्तित करने पर चर्चा हुई। राज्य में आयोजित होने वाले खेल महारण को लेकर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में निवेश की संभावनाए बढ़ी हैं। लेकिन इस निवेश को स्थायी रखने के लिए हमारे पास लैंड बैंक की कमी है। महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में जहां 7 लाख बीघा जमीन लैंड बैंक के रूप में उद्योगों के लिए संजोयी गई है। वहीं असम में दस हजार बीघा जमीन भी इस कार्य के लिए हमारे पास नही है। हर जिले में उद्योगों के लिए लैंड बैंक तैयार करने की योजना बनाई गई है।
साथ ही कहा कि बाढ़ के समय क्षतिग्रस्त तठबंधों का पुनर्निर्माण कैसे होगा, इस पर व्यापक चर्चा हुई।
विकसित असम 2047 की थीम पर काम करते हुए 50 हजार करोड़ का निवेश राज्य के लिए लाने की योजना है जिसमें स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल, खेल परिसर, आंगनबाड़ी साहित बुनियादी ढांचे से जुड़ी हर चीज पर ध्यान दिया जाएगा। इस निवेश को हर जिले में किस तरह लागू करना है इस पर लम्बी चर्चा हुई। सरकार के घोषणा पत्र में उल्लेखित संकल्पों को साकार करने में जिला आयुक्तों की अहम भूमिका है और इस पर व्यापक विचार हुआ।
डॉ. सरमा ने कहा कि हर जिले के लिए किस तरह की योजना मुफ़िद होगी। इस पर चर्चा की गई। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक महीनें भर का सेवा और समर्पण माह आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार 25 सालों की अनुवरत यात्रा की है। उनके समर्पण, त्याग और विजन को सामने रखते हुए सेवा और समर्पण माह आयोजित होगा।
डॉ. सरमा ने कहा कि मरियानी में दो फ्लाई ओवर का निर्माण होगा। इसके लिए विधायक रूपज्योति कुर्मी पूरी तत्परता से लगे हैं। राज्य में जेलों को लेकर एक योजना का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जेलों की विशाल भूमि पर सुंदर उद्यान बनाएं जाएंगें। और फिलहाल 12 जेलों में यह योजना लागू की जाएगी। जोरहाट सेंट्रल जेल में पहले ही उद्यान बन चुका है। इसलिए इसे योजना में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंनें कहा कि जोरहाट में शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग के विभिन्न कार्यलय यहां-वहां बने हुए है। कई ऐसे कार्यलय है जो आहोम कालीन ऐतिहासिक भू-भाग पर बने है। इन सभी कार्यलयों को भी चीनामारा स्थित नए जिला आयुक्त कार्यलय परिसर में जगह दी जाएगी। इसके लिए छह मंजिला अतिरिक्त इमारत का निर्माण किया जाएगा। इसके बनने से शहर में बने कार्यलयों की जगह खाली होगी। जिसका जनहित में उपयोग किया जाएगा।
कर्मचारियों के लिए आवसीय क्वार्टर की बात पर मुख्यमंत्री ने कहा की क्वार्टर देने की बजाय सरकार हाउसिंग अलाउंस को प्राथमिकता दे रही है। इससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवालों के भी जवाब दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Satish Rai

