असम का लक्ष्य 3.49 लाख केसीसी खाते; एआईएफ के लिए 2,050 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय
गुवाहाटी, 23 अक्टूबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य भर के किसानों के लिए कृषि ऋण को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और वित्तीय अवसरों का विस्तार देने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला है।
सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में डॉ. सरमा ने कहा कि ये पहल सरकार के उस विजन का हिस्सा हैं, जिसका मकसद वित्त तक पहुंच बढ़ाकर और किसानों को समर्थन देकर एक अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर असम का निर्माण करना है।
ऋण समाधान ढांचे (लोन रिसोलुशन फ्रेमवर्क) के तहत, राज्य ने 3.49 लाख किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इससे पात्र किसानों को अपने बकाया ऋणों को निपटाने और फिर से संस्थागत ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी। ऋण समाधान की लागत को सरकार, किसानों और बैंकों के बीच साझा किया जाएगा।
राज्य ने 'कृषि बुनियादी ढांचा कोष' (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रकचर फंड-एआईएफ) के तहत 2,050 करोड़ रुपये का लक्ष्य भी तय किया है। इस पहल में किसानों के शुरुआती योगदान के लिए सरकारी सहायता, पात्र परियोजनाओं के लिए 22 करोड़ रुपये तक के ऋण और योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सात साल तक कम ब्याज दरें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ऋण समाधान ढांचे के तहत 1,741.15 करोड़ रुपये के ऋणों को शामिल किया गया है।
तीसरी पहल में आलू किसानों को वित्त तक बेहतर पहुंच दिलाने के लिए पेप्सिको और एक बैंक के बीच सहयोग शामिल है। इस साझेदारी का उद्देश्य खेती के खर्चों के लिए ऋण उपलब्ध कराना और अच्छी गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट (जैसे बीज, खाद आदि) तक पहुंच प्रदान करना है, जिससे उत्पादकता बढ़े और खेती तथा बाजारों के बीच संबंध मजबूत हों।
ये तीनों पहल असम में ऋण तक पहुंच सुधारने, कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और किसानों के लिए बेहतर अवसर पैदा करने पर केंद्रित हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

