असम के मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर बाढ़ पुनर्वास का किया जिक्र, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
गुवाहाटी, 15 अगस्त (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने 15 अगस्त को कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए एक व्यापक पुनर्वास योजना पर काम कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करना और असम को बाढ़ से निपटने में अधिक सक्षम बनाना है।
स्वतंत्रता दिवस के अपने संदेश में डॉ. सरमा ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का तेज़ी से डिजिटल आकलन करने से पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम तेज़ी से हो सकेगा। उन्होंने मज़बूत बुनियादी ढांचे, समय पर और सटीक चेतावनी, आधुनिक तकनीक और मज़बूत आजीविका पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित पात्र परिवारों को क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत और पशुधन, पोल्ट्री, ट्यूबवेल, करघे और कपड़ा उद्योग को फिर से शुरू करने के लिए सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ से प्रभावित परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए ऋण अदायगी में मोहलत (मोरेटोरियम) भी देगी।
डॉ. सरमा ने आगे कहा कि पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया के दौरान शिक्षा को सुरक्षित रखा जाएगा। प्रभावित स्कूलों और छात्रों को सहायता दी जाएगी ताकि बाढ़ से उनकी शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर कोई असर न पड़े।
उन्होंने कहा, इस मुश्किल समय में सरकार ने खुद को केवल राहत देने तक सीमित नहीं रखा है। हम हर बाढ़ प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहे हैं और उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद करने के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर ज़ोर देते हुए डॉ. सरमा ने कहा कि देशभक्ति भारतीय सभ्यता का एक अभिन्न अंग है और आने वाली पीढ़ियां सभ्यता के इस संदेश को आगे बढ़ाएंगी।
उन्होंने कहा, स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय त्योहार नहीं है। यह अनगिनत देशभक्तों के बलिदान, तपस्या, साहस और आत्म-बलिदान को याद करने का एक पवित्र अवसर है।
इससे पहले, डॉ. सरमा ने गुवाहाटी के श्रद्धांजलि कानन में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की आज़ादी और संप्रभुता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वालों को सम्मान दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

