आईएएफ ने असम में 458 लोगों को बचाया और 9 टन राहत सामग्री पहुंचाई : मुख्यमंत्री
-प्रधानमंत्री ने असम की बाढ़ स्थिति पर रखी लगातार नजर, मुख्यमंत्री सरमा ने जताया आभार
गुवाहाटी, 28 जुलाई (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राज्य में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग कर रही है। इसी बीच भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने असम और नगालैंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को और तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार राज्य के जमीनी हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार राहत एवं पुनर्वास कार्यों में राज्य सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
डॉ. सरमा ने कहा कि राज्य सरकार भी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही है, ताकि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने बताया कि राहत दल सभी प्रभावित गांवों तक पहुंच चुके हैं और अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। राहत शिविरों में विस्थापित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं तथा बच्चों के लिए विशेष देखभाल और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तत्काल राहत पहुंचाने के साथ-साथ जन-भागीदारी के आधार पर व्यापक पुनर्वास योजना तैयार करने के लिए भी चौबीसों घंटे कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में वापस लाया जा सके।
इस बीच भारतीय वायु सेना ने बताया कि मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान के तहत पिछले दस दिनों में उसके हेलीकॉप्टरों ने असम और नगालैंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 458 लोगों को सुरक्षित निकाला है। इसके अलावा नौ टन से अधिक आवश्यक राहत सामग्री दुर्गम इलाकों तक पहुंचाई गई है।
वायु सेना के अनुसार, यह अभियान भारतीय सेना और स्थानीय नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार संचालित किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के सांसदों के साथ राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने आश्वस्त किया था कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में राज्य सरकार के साथ मिलकर पूरी सक्रियता से काम करेगी और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के छह जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से 4.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 631 गांव जलमग्न हैं। प्रभावित लोगों की सहायता के लिए 215 राहत शिविर एवं राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां लगभग 29,983 लोगों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता और पुनर्वास की सुविधाएं सुनिश्चित नहीं कर दी जातीं।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

